Govindpuri Fire Case: दिल्ली अग्निकांड कोई हादसा नहीं, बल्कि खौफनाक साजिश; 3 की मौत के मामले में 4 गिरफ्तार

नई दिल्ली: गोविंदपुरी (तुगलकाबाद एक्सटेंशन) में 12 जून की देर रात हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह कोई तकनीकी हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी। इस खौफनाक घटना में 3 लोगों (पंकज पांडेय, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी) की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
🕵️ CCTV फुटेज से खुला साजिश का राज
घटना 12 जून की रात 2:24 बजे की है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे शॉर्ट सर्किट मान रही थी, लेकिन जब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए, तो आग लगने से ठीक पहले एक संदिग्ध लड़की बिल्डिंग में दाखिल होती दिखी। पुलिस ने जब 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो परत-दर-परत पूरी साजिश सामने आ गई।
💰 रंजिश और पैसों के लेनदेन का बदला
नाबालिग ने बताया कि सरिता नामक महिला ने उसे पेट्रोल और माचिस देकर दीपक नाम के व्यक्ति की स्कूटी में आग लगाने के लिए उकसाया था। दीपक और सरिता के बीच पैसों का विवाद था। पूछताछ में सरिता ने पुलिस को बताया कि इस पूरी साजिश के असली मास्टरमाइंड निरंजन (33) और उसका भाई राजकुमार (27) थे। दोनों भाई किसी पुरानी रंजिश का बदला लेना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने स्कूटी फूंकने की प्लानिंग की थी।
⚖️ आरोपियों पर लगीं हत्या की गंभीर धाराएं
साजिश का खुलासा होते ही पुलिस ने मामले का रुख मोड़ दिया है। अब इस केस में लापरवाही की धाराओं को हटाकर आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), हत्या, गैर-इरादतन हत्या और घर में घुसकर आगजनी करने जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।






