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मध्यप्रदेश

Agar Malwa Police Controversy: फर्जी ड्रग्स केस में घिरे 90 पुलिसकर्मी; कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारियों पर FIR

आगर मालवा: मध्य प्रदेश के आगर मालवा में एनडीपीएस (NDPS) की एक कार्रवाई अब पुलिस के लिए ही मुसीबत बन गई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट ने एक चौंकाने वाला फैसला सुनाते हुए आगर के तत्कालीन थाना प्रभारियों सहित करीब 90 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने करोड़ों रुपये की जिस ड्रग्स बरामदगी का दावा किया था, वह न केवल फर्जी थी बल्कि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ थी।

💊 5 करोड़ की ड्रग्स का दावा और सच्चाई

जनवरी 2026 में आगर मालवा कोतवाली पुलिस ने झालावाड़ के घाटाखेड़ी गांव में छापेमारी कर 5 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स, केमिकल और मशीनरी बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने इसे एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी सफलता बताया था। हालांकि, बाद में गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों और 75 वर्षीय हमीद खान ने इस पूरी कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण और झूठा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और करीब 100 पुलिसकर्मियों ने मिलकर परिजनों को जबरन परेशान किया।

🏛️ कोर्ट के आदेश पर जांच और केस दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जांच के निर्देश दिए। झालावाड़ के उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि पुलिस ने पद का दुरुपयोग किया है। रिपोर्ट और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध माना और राजस्थान के डग थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। इनमें लोगों को धमकाने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

👮 पुलिस का पक्ष

आगर मालवा के एसपी दिलीप कुमार सोनी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें जानकारी मिली है कि न्यायालय के निर्देश पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। हम इस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और निष्पक्ष विवेचना की जाएगी। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, अतः सभी कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।”

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