ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...
झारखण्ड

Latehar News: कागजों में नल, धरातल पर प्यासा लातेहार का माराबार गांव; पांच में से चार जल मीनारें खराब

लातेहार: सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नल-जल योजना’ और ‘जल जीवन मिशन’ लातेहार जिले के माराबार गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले के सदर प्रखंड स्थित इस आदिवासी बहुल गांव में लगभग 60 परिवार रहते हैं, लेकिन उन्हें अब भी एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। गांव में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी की एक बूंद भी नहीं आती।

📉 पांच में से चार जल मीनारें बेकार

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में जल आपूर्ति सुचारु करने के लिए पांच जल मीनारें स्थापित की गई थीं। अफसोस की बात यह है कि इनमें से चार मीनारें पूरी तरह खराब पड़ी हैं। एकमात्र चालू जल मीनार भी ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचाने में असमर्थ है। पाइपलाइन बिछाने में बरती गई घटिया गुणवत्ता के कारण पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। गांव के प्रधान रामलगन सिंह और स्थानीय महिलाओं ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद से आज तक उनके घरों में नल से पानी नहीं पहुंचा है।

🚧 सुविधाओं का अभाव और कठिन रास्ता

यह गांव केवल जल संकट से ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव से भी जूझ रहा है। जिला मुख्यालय से मात्र 10 किमी दूर स्थित इस गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को दो नदियां पार करनी पड़ती हैं, क्योंकि वहां कोई पुल नहीं है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

🗣️ प्रशासन और विभाग का क्या कहना है?

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता दीपक महतो ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पूरे गांव का सर्वे कराया जाएगा और खराब जल मीनारों को दुरुस्त किया जाएगा। वहीं, पंचायत के मुखिया रामजी सिंह ने बताया कि 15वीं वित्त आयोग के फंड से जल मीनारों की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button