ब्रेकिंग
NDA संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक: पीएम मोदी की मौजूदगी में रोजगार पर प्रेजेंटेशन, 10 सालों में 17.1... रांची में JPSC-JSSC धांधली पर छात्रों का हुंकार: पूर्व चेयरमैन से घंटों पूछताछ, सीबीआई जांच की मांग ... गड्ढे के कारण TDRF जवान की मौत पर राजनीति गरम, विजय वडेट्टीवार का तंज— 'परिजनों से पुलिस का रवैया अस... भरतपुर: भगवान बांके बिहारी जी का दान किया हीरा बदलने का आरोप! रिकॉर्ड और बिल में भी मिली बड़ी गड़बड़... संसद सत्र का 12वां दिन हंगामे की चढ़ा भेंट, राम मंदिर चढ़ावे पर संग्राम और उपचुनाव नतीजों पर सियासी ... श्री सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का नया कीर्तिमान: 5 वर्षों में मिले 962 करोड़ रुपये, जानें क्यों ... संभल में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने की घोषणा पर विवाद, SDM कोर्ट ने दंपती को 20-20 हजार के म... बाबा महाकाल की भस्म आरती कैसे होती है तैयार? जानें कपिला गाय के कंडे, अखंड धूनी और पौराणिक कथाओं का ... कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी-उत्तराखंड में हंगामा: मेरठ में पुलिस से मारपीट, लखनऊ में स्कूल वैन पर पथ... महाराष्ट्र राजनीति में भूचाल! सुनेत्रा पवार पर टिप्पणी को लेकर भड़कीं मनीषा तुपे, बोलीं— "इंदिरा गां...
उत्तरप्रदेश

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT की जांच तेज; चंपत राय और अन्य कर्मचारियों से लंबी पूछताछ

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। एसआईटी (SIT) प्रमुख विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में टीम ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव और नकदी गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों से मैराथन पूछताछ की है। जांच का मुख्य उद्देश्य दानपात्रों से निकलने वाली राशि की पूरी चेन और निगरानी तंत्र की खामियों को पकड़ना है।

📊 दानपात्रों से रिकॉर्ड तक—हर बिंदु की पड़ताल

जांच दल ने मंदिर परिसर में लगी सुरक्षा व्यवस्था, दानपात्रों की संख्या और वहां से नकदी निकालने की प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया है। SIT ने सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और नकदी जमा करने से संबंधित सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि गड़बड़ी की गुंजाइश किस चरण में और किन लोगों की निगरानी में पैदा हुई।

💎 आभूषण कक्ष का निरीक्षण

SIT प्रमुख ने उस विशेष ‘आभूषण कक्ष’ का भी दौरा किया, जहां श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई कीमती धातुएं और आभूषण रखे जाते हैं। इस कक्ष की सुरक्षा और वहां के रिकॉर्ड रखने के तरीके को लेकर कर्मचारी तिवारी से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच टीम सुरक्षा प्रोटोकॉल और कीमती वस्तुओं के संरक्षण की प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है।

🤝 प्रबंधन और निगरानी तंत्र पर सवाल

पूछताछ में सामने आया है कि नोटों की गिनती का काम लगभग 40 कर्मचारी करते हैं, जो ट्रस्ट, एसबीआई और कलेक्शन एजेंसी से जुड़े हैं। ये दो शिफ्टों में काम करते हैं। SIT ने चंपत राय और गोपाल राव से यह समझने की कोशिश की कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति, निगरानी और जवाबदेही तय करने का सिस्टम कितना प्रभावी है।

Related Articles

Back to top button