Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT की जांच तेज; चंपत राय और अन्य कर्मचारियों से लंबी पूछताछ

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। एसआईटी (SIT) प्रमुख विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में टीम ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव और नकदी गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों से मैराथन पूछताछ की है। जांच का मुख्य उद्देश्य दानपात्रों से निकलने वाली राशि की पूरी चेन और निगरानी तंत्र की खामियों को पकड़ना है।
📊 दानपात्रों से रिकॉर्ड तक—हर बिंदु की पड़ताल
जांच दल ने मंदिर परिसर में लगी सुरक्षा व्यवस्था, दानपात्रों की संख्या और वहां से नकदी निकालने की प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया है। SIT ने सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और नकदी जमा करने से संबंधित सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि गड़बड़ी की गुंजाइश किस चरण में और किन लोगों की निगरानी में पैदा हुई।
💎 आभूषण कक्ष का निरीक्षण
SIT प्रमुख ने उस विशेष ‘आभूषण कक्ष’ का भी दौरा किया, जहां श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई कीमती धातुएं और आभूषण रखे जाते हैं। इस कक्ष की सुरक्षा और वहां के रिकॉर्ड रखने के तरीके को लेकर कर्मचारी तिवारी से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच टीम सुरक्षा प्रोटोकॉल और कीमती वस्तुओं के संरक्षण की प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है।
🤝 प्रबंधन और निगरानी तंत्र पर सवाल
पूछताछ में सामने आया है कि नोटों की गिनती का काम लगभग 40 कर्मचारी करते हैं, जो ट्रस्ट, एसबीआई और कलेक्शन एजेंसी से जुड़े हैं। ये दो शिफ्टों में काम करते हैं। SIT ने चंपत राय और गोपाल राव से यह समझने की कोशिश की कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति, निगरानी और जवाबदेही तय करने का सिस्टम कितना प्रभावी है।






