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छत्तीसगढ़

Bastar News: बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के पुनर्जीवन की नई शुरुआत; बैराजों के निर्माण और जल संरक्षण की योजना

जगदलपुर: इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने जगदलपुर के टाउन हॉल में एक गरिमामय समारोह में अपने पद की शपथ ली। इस दौरान बस्तर के विकास से जुड़े जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने नदी के संरक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

💧 बस्तर की जीवनरेखा है इंद्रावती

शरद अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि इंद्रावती नदी केवल पानी का स्रोत नहीं है, बल्कि यह बस्तर की कृषि, संस्कृति और जनजीवन की नींव है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नदी का घटता जलस्तर एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

🏗️ बैराज निर्माण और सिंचाई का विस्तार

नदी के पुनर्जीवन के लिए प्राधिकरण की योजनाओं पर चर्चा करते हुए अवस्थी ने बताया कि:

  • इंद्रावती के विभिन्न तटीय क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की लागत से बैराजों का निर्माण कराया जा रहा है।

  • इन बैराजों से जल संचयन बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र के किसानों को साल भर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

  • प्राधिकरण का मुख्य लक्ष्य नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए पर्यावरणीय संतुलन साधना है।

🔭 जोरा नाला स्ट्रक्चर का होगा निरीक्षण

उपाध्यक्ष ने घोषणा की कि वे जल्द ही ओडिशा-बस्तर सीमा पर स्थित ‘जोरा नाला स्ट्रक्चर’ का दौरा करेंगे। इस दौरान वे जल विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों से संवाद करेंगे ताकि नदी के संरक्षण के लिए तकनीकी और व्यावहारिक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, सरकार और स्थानीय जनता के सामूहिक सहयोग से ही बस्तर की आने वाली पीढ़ियों के लिए इस जलस्रोत को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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