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छत्तीसगढ़

एक कप चाय ने बचाई 5 दोस्तों की जान: नेपाल की प्रलयंकारी बाढ़ से सुरक्षित लौटे रायपुर के नागरिक

रायपुर (छत्तीसगढ़): नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से रायपुर के माना कैंप क्षेत्र निवासी पांच दोस्त बाल-बाल बचकर सकुशल अपने घर लौट आए हैं।

नेपाल के धार्मिक व पर्यटन स्थलों के भ्रमण पर निकले इन पांचों दोस्तों के लिए एक छोटे से ‘टी-ब्रेक’ का फैसला जीवनदान साबित हुआ। सुरक्षित लौटे नागरिकों के नाम नारायण सेन, दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, यतेंद्र प्रकाश और दिनेश सिंह ठाकुर हैं, जिनकी उम्र 50 से 60 वर्ष के बीच है। शनिवार को गृहग्राम रायपुर पहुंचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।

सैलून संचालक नारायण सेन ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया, “हम बेहद भाग्यशाली रहे कि 26 अगस्त की सुबह जब अचानक जलप्रलय आया, तब हम एक ढाबे पर चाय पीने रुक गए थे। यदि हम 10-15 मिनट पहले आगे निकल जाते, तो हमारा वाहन सीधे बाढ़ के तेज बहाव में फंस जाता।”

🗺️ पशुपतिनाथ और मनकामना मंदिर के दर्शन का था प्लान: मलेखु में मिला भारतीय का सहारा

यात्रा और प्राकृतिक आपदा का विवरण:

  • यात्रा की शुरुआत: यह समूह 21 अगस्त को रायपुर से रवाना होकर 22 अगस्त को नेपाल पहुंचा था। पशुपतिनाथ मंदिर और मनकामना देवी के दर्शन के लिए उन्होंने एक टैक्सी किराए पर ली थी।

  • होटल में मिली पनाह: 26 अगस्त की सुबह लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच वे धाडिंग जिले के मलेखु कस्बे में एक होटल पर चाय के लिए रुके, जहां उन्हें आगे का पुल बह जाने की सूचना मिली।

  • भारतीय होटल संचालक की मदद: होटल का संचालन एक भारतीय मूल के व्यक्ति कर रहे थे, जिन्होंने संकट की घड़ी में सभी को निःशुल्क भोजन कराया और सुरक्षित स्थान पर ठहराया।

🌊 त्रिशूली नदी में बहती दिखीं गाड़ियां और शव: कार में जागकर काटी रात

बाढ़ का खौफनाक मंजर और स्थानीय स्थिति:

  • जलप्रलय का दृश्य: दल में शामिल पुलिस हेड कॉन्स्टेबल दिनेश सिंह ठाकुर ने बताया कि त्रिशूली नदी के उफान में गाड़ियां, दुकानें, दफ्तर और यहां तक कि कई शव पानी की तेज धार में बहते दिखाई दे रहे थे। पूरा इलाका तबाह हो चुका था।

  • पहाड़ी पर शरण: खतरे को भांपते हुए समूह ने मलेखु की एक ऊंची पहाड़ी पर कार खड़ी की और पूरी रात कार के भीतर ही जागकर गुजारी।

  • शिव भक्ति का संबल: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पानी का तांडव देखकर वे लगातार भगवान शिव का स्मरण करते रहे और स्थानीय प्रशासन व पुलिस के त्वरित दिशा-निर्देशों से उन्हें ढांढस बंधा।

📱 भारतीय हेल्पलाइन और इंटरनेट ने जोड़ा परिवार से: महिला सुरक्षाकर्मियों ने बांधी राखी

सकुशल वापसी और मानवीय संवेदना:

  • संपर्क और राहत: बिजली गुल होने के बावजूद मोबाइल इंटरनेट काम कर रहा था, जिसके जरिए भारत सरकार की आपातकालीन हेल्पलाइन और परिजनों से संपर्क कर लोकेशन साझा की गई।

  • भावुक पल: नेपाल से सुरक्षित वापसी के दौरान वहां तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों ने इन सभी को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर विदा किया, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया।

  • 28 अगस्त को रवानगी: स्थिति थोड़ी सामान्य होने के बाद 28 अगस्त को यह समूह रायपुर के लिए रवाना हुआ और शनिवार को सकुशल माना कैंप स्थित अपने घरों में लौट आया।

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