ब्रेकिंग
BJP OBC Politics: काशी में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक; अशोक चौरसिया को कमान देकर पिछड़ा वर्ग को साधने क... Lohagad Murder Case: पुणे मंगेतर हत्याकांड में SIT जांच के निर्देश; विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल ... WB Anti-Social Activities Bill: पश्चिम बंगाल में 'निवारक हिरासत' का प्रावधान; विधानसभा में पेश होगा ... Sanjay Dina Patil Controversy: शिवसेना सांसद के 'बम' वाले बयान पर मचा बवाल; ठाकरे गुट ने दर्ज कराई श... Fake Helmet Factory Ghaziabad: गाजियाबाद में दो हेलमेट इकाइयों पर BIS का छापा; लाइसेंस खत्म होने के ... Passport Fees Hike 2026: 1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना; जानिए नई दरों की पूरी लिस्ट Ram Mandir Donation Controversy: चांदी का काकभुशुण्डि मिलने के बाद भी खड़े हुए सवाल; दानदाताओं ने रसी... Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR दर्ज; गबन और धोखाधड़ी की धाराओं में 8 आ... LPG Supply Rules Changed: सरकार का बड़ा फैसला; व्यावसायिक LPG पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए गए Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई; ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों...
झारखण्ड

Sindri IT Hub: कोयला राजधानी को आईटी हब बनाने की कवायद; क्या सिंदरी STPI युवाओं को दे पाएगा रोजगार?

धनबाद: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां छोटे शहरों में आईटी हब बनने का सपना देखा जा रहा है, वहीं झारखंड के धनबाद जिले के सिंदरी में बना ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया’ (STPI) अपने अस्तित्व को सार्थक करने के लिए संघर्ष कर रहा है। करीब 18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बना यह पार्क आधुनिक सुविधाओं से तो लैस है, लेकिन कंपनियों के अभाव में इसके विशाल हॉल आज भी खाली पड़े हैं।

📉 कंपनियों का टोटा और लोकेशन की चुनौती

तीन साल पहले शुरू हुए इस पार्क में शुरुआत में 5 कंपनियां आईं, जिनमें से 2 छोड़कर चली गईं। फिलहाल यहां केवल 3 कंपनियां ही कार्यरत हैं। जानकारों और आईटी छात्रों का मानना है कि सिंदरी की लोकेशन मुख्य शहर से काफी दूर होना इसकी सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, इसका व्यापक प्रचार-प्रसार न होना भी कंपनियों को आकर्षित करने में बाधा बन रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को आज भी रोजगार के लिए बेंगलुरु या पुणे की ओर रुख करना पड़ रहा है।

🗣️ प्रशासन और प्रबंधन का पक्ष

STPI सिंदरी के ऑफिसर-इन-चार्ज दीपक कुमार का कहना है कि नई कंपनियों से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया कि STPI भारत सरकार की संस्था है, भवन राज्य सरकार ने उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय उद्यमी यहां आईटी कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो उन्हें जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जाएगी ताकि पार्क पूरी क्षमता से चल सके।

🚀 आईटी हब बनने की राह में उम्मीद की किरण

सिंदरी STPI केवल एक कंक्रीट का भवन नहीं, बल्कि झारखंड के आईटी भविष्य की धुरी है। धनबाद में आईआईटी (ISM) और बीआईटी सिंदरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हर साल हजारों तकनीकी छात्र निकलते हैं। यदि इस पार्क में कंपनियों का इकोसिस्टम विकसित होता है, तो धनबाद जल्द ही कोयले की राजधानी के साथ-साथ एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।

Related Articles

Back to top button