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झारखण्ड

लोहरदगा में आधुनिक बस स्टैंड निर्माण की कवायद तेज, नगर परिषद ने शुरू की पहल

लोहरदगा (झारखंड): जिले में बेहतर यात्री सुविधाओं, सुगम यातायात और व्यवस्थित बस परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से नए बस स्टैंड की मांग उठ रही है।

रेलवे साइडिंग के समीप संचालित वर्तमान बस स्टैंड आधे-अधूरे निर्माण, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और जमीन विवाद के चलते यात्रियों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अब नगर परिषद प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए नए बस स्टैंड के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, जिससे जिलेवासियों में बड़ी राहत की उम्मीद जगी है।

💰 सालाना ₹1 करोड़ का राजस्व, फिर भी यात्री शेड और पेयजल जैसी सुविधाओं का टोटा

राजस्व में भारी बढ़ोतरी के बावजूद वर्तमान बस स्टैंड उपेक्षा का शिकार बना हुआ है:

  • राजस्व में 40 गुना वृद्धि: लोहरदगा रेलवे साइडिंग स्थित इस बस स्टैंड का संचालन वर्ष 1995 से हो रहा है। शुरुआत में नगर परिषद को यहां से लगभग ₹2.5 लाख का वार्षिक राजस्व मिलता था, जो वर्तमान में बढ़कर करीब ₹1 करोड़ सालाना तक पहुंच चुका है।

  • विकास कार्य अधूरे: भारी आय के बावजूद बस स्टैंड का समुचित ढांचागत विकास आज तक अधूरा है। न तो बसों के व्यवस्थित पड़ाव के लिए पर्याप्त जगह है और न ही यात्रियों के बैठने के लिए समुचित शेड व स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।

⚖️ रेलवे और नगर परिषद के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद

बस स्टैंड के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा जमीन का कानूनी पेंच बना हुआ है:

  • स्वामित्व पर टकराव: बस स्टैंड की जमीन के मालिकाना हक को लेकर रेलवे प्रशासन और नगर परिषद के बीच वर्षों से विवाद चल रहा है।

  • रेलवे का दावा: रेलवे इस भूमि को अपनी संपत्ति बताता है, जिसके चलते नगर परिषद यहां कोई स्थायी या बड़ा निर्माण कार्य कराने में असमर्थ रही है।

  • सुविधाओं पर सीधा असर: इस विवाद का सीधा खामियाजा रोजाना यात्रा करने वाले हजारों आम नागरिकों और बस ऑपरेटरों को भुगतना पड़ रहा है।

🛣️ कई राज्यों से जुड़ता है लोहरदगा, अंतरराज्यीय परिवहन के लिए नए बस स्टैंड की दरकार

भौगोलिक और व्यापारिक दृष्टि से लोहरदगा एक प्रमुख परिवहन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है:

  • अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी: लोहरदगा मार्ग से होकर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सहित देश के कई प्रमुख राज्यों के लिए लंबी दूरी की बसों और यात्री वाहनों का चौबीसों घंटे आवागमन होता है।

  • भीड़ और जाम से मुक्ति: अंतरराज्यीय स्तर पर चलने वाली सैकड़ों बसों के सुचारू संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित, खुले और आधुनिक बस टर्मिनल की अत्यंत आवश्यकता है।

📍 ओयन गांव के समीप खोजी गई जमीन, प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार

नगर परिषद ने नए बस स्टैंड के निर्माण की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की है:

  • जमीन का चयन: नगर परिषद ने नए बस स्टैंड के निर्माण के लिए ओयन गांव के समीप उपयुक्त जमीन चिन्हित की है।

  • डीपीआर व प्राक्कलन प्रस्ताव: नगर परिषद अध्यक्ष के अनुसार, नए आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण से संबंधित विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) और प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए उच्च विभाग को प्रेषित कर दिया गया है।

  • मंजूरी की उम्मीद: विभागीय स्वीकृति और वित्तीय आवंटन मिलते ही निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिससे जिले को एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बस अड्डा मिल सकेगा।

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