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Canada News: कैदी की मदद करने वाली पंजाबी मूल की महिला जेल गार्ड को 2 साल की सजा; जानें पूरा मामला

कनाडा: कनाडा के नॉर्थ फ्रेजर प्रीट्रायल सेंटर में तैनात एक पंजाबी मूल की जेल गार्ड को अपने पद के दुरुपयोग और एक कैदी की मदद करने के मामले में अदालत ने सजा सुनाई है। 31 वर्षीय रमनदीप को अदालत ने 2 साल की ‘कंडीशनल सेंटेंस’ (सशर्त सजा) दी है, जिसके तहत उसे हाउस अरेस्ट और सामुदायिक सेवा (कम्युनिटी सर्विस) करनी होगी।

📱 क्या था मामला और कैसे हुई पोल?

साल 2021 में रमनदीप ने करेक्शनल ऑफिसर के तौर पर कार्यभार संभाला था। जांच में पाया गया कि उसने एक कैदी के साथ न केवल निजी संबंध बनाए, बल्कि जेल के नियमों को ताक पर रखकर उसकी मदद भी की। रमनदीप को यह भली-भांति जानकारी थी कि कैदी के पास अवैध मोबाइल फोन है, लेकिन उसने अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बजाय उसे चेकिंग से पहले सतर्क करना शुरू कर दिया। वह कैदी को मोबाइल छिपाने के तरीके बताती थी ताकि जेल प्रशासन की चेकिंग में वह पकड़ा न जाए।

🏛️ अदालत का कड़ा रुख

पुलिस द्वारा ‘ब्रीच ऑफ ट्रस्ट’ (सार्वजनिक अधिकारी द्वारा विश्वासघात) का मामला दर्ज किए जाने के बाद रमनदीप ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। हालांकि, अनुचित संबंधों से जुड़ा गंभीर आरोप बाद में हटा दिया गया, लेकिन मोबाइल छिपाने और जेल की सुरक्षा से समझौता करने के जुर्म में अदालत ने उसे दोषी माना। 24 जून 2026 को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि एक जेल अधिकारी का ऐसा व्यवहार न केवल सार्वजनिक विश्वास को तोड़ता है, बल्कि जेल के अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।

🚫 सजा का असर

रमनदीप को हालांकि सीधी जेल नहीं भेजा गया, लेकिन इस सजा के साथ ही उसके खिलाफ एक स्थायी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जो उसके भविष्य के करियर पर गहरा असर डालेगा। उसे घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) रहने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जवाबदेही पूरी करने के लिए सामुदायिक सेवा भी करनी होगी।

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