Chhattisgarh Government: बीजापुर को ‘बाल विवाह मुक्त’ जिला बनाने की पहल; मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

बीजापुर: छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने दो दिवसीय बीजापुर प्रवास के दौरान विभागीय कामकाज की सघन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
🥦 कुपोषण मुक्त बीजापुर: मुनगा और केला वितरण पर जोर
मंत्री ने कुपोषण के खिलाफ ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान को और धार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर आंगनबाड़ी केंद्र और घर में मुनगा (सहजन) का पौधा लगाया जाए, क्योंकि यह पोषण का पावरहाउस है। साथ ही, बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सभी आंगनबाड़ियों में प्रतिदिन बच्चों को एक केला देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
💍 बीजापुर को ‘बाल विवाह मुक्त’ जिला बनाने की मुहिम
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने बाल विवाह की कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को मिलकर काम करने और जिले को पूरी तरह ‘बाल विवाह मुक्त’ बनाने का लक्ष्य दिया है।
💻 महतारी वंदन योजना का पोर्टल जल्द खुलेगा
मंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए खुशखबरी दी कि योजना का पोर्टल जल्द ही फिर से खोला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पात्र महिलाओं के पंजीयन के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा, ताकि कोई भी योग्य महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
💼 महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और विभागीय रिक्तियां
बैठक में ‘सक्षम योजना’ के तहत महिलाओं को स्वरोजगार हेतु ऋण दिलाने और ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ का गांव-गांव में प्रचार करने पर चर्चा हुई। मंत्री ने विभागीय रिक्त पदों को शीघ्र भरने और बाल कल्याण समिति के लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने के भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास एक साथ आगे बढ़ेंगे।






