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Karnal Crime News: सरकारी धान घोटाले में पुलिस का एक्शन; फर्जी खरीद और विभागीय मिलीभगत का हुआ पर्दाफाश

करनाल: करनाल में सरकारी धान के स्टॉक में भारी गड़बड़ी करने वाले यूनाइटेड फूड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मिलर को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह मामला 3,772 मीट्रिक टन धान के आवंटन के दौरान 1,005 मीट्रिक टन धान के कम मिलने से शुरू हुआ था।

📉 1005 मीट्रिक टन धान में हेराफेरी

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जब मिल का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया, तो स्टॉक में 1,005 मीट्रिक टन धान कम पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन इंस्पेक्टर रणधीर सिंह ने मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रशासनिक दबाव और विभागीय कार्रवाई के बाद विभाग ने मिलर से 2 करोड़ 47 लाख रुपये की रिकवरी की और शेष 2,767 मीट्रिक टन चावल सरकार के खाते में जमा करवा लिया।

🕵️ SIT जांच: फर्जी खरीद और मिलीभगत का जाल

मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का कहना है कि यह केवल स्टॉक कम होने का मामला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित घोटाले का हिस्सा है। शुरुआती जांच में ‘कागजी खरीद’ (फर्जी खरीद) और विभागीय अधिकारियों व मिलर्स के बीच गहरी मिलीभगत के संकेत मिले हैं। SIT का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य कई लोग भी शामिल हो सकते हैं।

🚨 ‘घोटाले में शामिल कोई भी बख्शा नहीं जाएगा’

SIT अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले इस नेटवर्क को पूरी तरह खंगाला जा रहा है। मिलर नसीब सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब उन चेहरों की तलाश की जा रही है जिन्होंने इस फर्जीवाड़े में सहयोग किया। विभागीय स्तर पर भी दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस घोटाले से जुड़े अन्य खुलासे भी हो सकते हैं।

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