Haryana Bank Scam News: निलंबित आईएएस प्रदीप कुमार ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका; 169 करोड़ के घोटाले में घिरीं मुश्किलें

चंडीगढ़: हरियाणा में 169 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक घोटाले में नाम आने के बाद निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पंचकूला की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 2 जुलाई की तारीख तय की है और सीबीआई (CBI) से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
🕵️ क्या है 169 करोड़ के घोटाले का मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला तब हुआ जब प्रदीप कुमार हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सदस्य सचिव के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान आईडीएफसी बैंक के एक खाते से 169.36 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इन पैसों को शेल (फर्जी) कंपनियों, जैसे ‘स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स’ और ‘कैपसीपी फिनटेक सर्विसेज’ में स्थानांतरित किया गया था।
👮 जांच के घेरे में 8 आईएएस अधिकारी
इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई बड़े अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अब तक बोर्ड के डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरव शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई की जांच के अनुसार, इस पूरे घोटाले में कुल 8 आईएएस अधिकारी जांच के दायरे में हैं। इनमें से दो अधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक फरार बताया जा रहा है। अन्य पांच अधिकारियों पर भी अब गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है।
🔍 जांच एजेंसी का सख्त रुख
सीबीआई ने कोर्ट को अवगत कराया है कि प्रदीप कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके गुरुग्राम स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान वे वहां नहीं मिले और उनका मोबाइल फोन भी बंद पाया गया। फिलहाल, अदालत का रुख और 2 जुलाई को होने वाली सुनवाई इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।






