ब्रेकिंग
'कांवड़िया चलता-फिरता शिव का रूप': कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार की अभेद्य तैयारियां, पुष्प वर्षा ... भोपाल में मूंग खरीद को लेकर उग्र हुआ किसानों का आंदोलन, प्रदर्शनकारियों ने बस पलटने का किया प्रयास संसद में मुझे बोलने नहीं दिया": राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन च... रुद्रप्रयाग बाईपास टनल के बाहर भूस्खलन! DM विशाल मिश्रा ने किया निरीक्षण, मुख्य टनल सुरक्षित कासगंज के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 10वीं की छात्रा का हॉस्टल में मिला शव, मची सनसनी टोक्यो पर भूकंप के महा-संकट को देखते हुए बैकअप राजधानी बनाने की तैयारी में जापान, अधिसूचना जारी श्री मुक्तसर साहिब में विदेश भेजने के नाम पर 16.50 लाख की ठगी! राइटवे इमिग्रेशन के मालिक पर FIR दर्ज टांडा में नशा तस्करों पर पुलिस का बड़ा एक्शन! DSP दविंदर सिंह बाजवा की अगुवाई में चलाया गया 'कासो' स... नूरमहल आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव की धूम! 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आशुतोष महाराज जी के चरणो... गुरदासपुर में दिनदहाड़े दुस्साहसिक चोरी! घर में खाना खाया, फिर 20 तोले सोना और नकदी समेटकर चोर फरार
हरियाणा

कैथल में धान की फसल पर ‘फिजी वायरस’ का खतरनाक हमला! 1,500 एकड़ फसल तबाह, बौने रह गए पौधे

कैथल/चंडीगढ़: हरियाणा के अन्नदाता किसानों पर एक बार फिर गंभीर प्राकृतिक और जैविक संकट मंडराने लगा है। प्रदेश के कैथल जिला सहित कई प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्रों में ‘फिजी वायरस’ (Southern Rice Black-streaked Dwarf Virus) का प्रकोप बेहद तेजी से फैल रहा है।

इस जानलेवा वायरस के भीषण हमले से अकेले कैथल और आसपास के कई इलाकों में करीब 1,500 एकड़ से अधिक रकबे में खड़ी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खेतों में पौधे पूरी तरह बौने रह गए हैं और उनमें बालियां नहीं निकल पा रही हैं, जिसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

🐛 ‘सफेद पीठ वाले तेले’ से फैल रहा है वायरस, पौधे बौने होकर समय से पहले ही जा रहे सूख

कृषि वैज्ञानिकों और कीट विशेषज्ञों के अनुसार, यह फिजी वायरस मुख्य रूप से ‘व्हाइट बैक्ड प्लांट हॉपर’ (सफेद पीठ वाले तेले) नामक कीट के माध्यम से एक खेत से दूसरे खेत में तेजी से फैलता है।

इस वायरस से संक्रमित धान के पौधे अपनी सामान्य शारीरिक लंबाई नहीं पकड़ पाते और बौने (Dwarf) ही रह जाते हैं। इसके साथ ही पौधों की जड़ें काली पड़ जाती हैं और उनमें बालियां नहीं निकलतीं। बालियां न बनने के कारण पूरी फसल पकने से पहले ही सूखकर पूरी तरह नष्ट हो जाती है।

🌾 किसानों ने सरकार से की तुरंत विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग, HAU के वैज्ञानिकों ने संभाला मोर्चा

धान की लहलहाती फसल आंखों के सामने बर्बाद होने से आक्रोशित और बेहद चिंतित किसानों ने राज्य सरकार से प्रभावित इलाकों में तुरंत विशेष गिरदावरी कराकर उचित आर्थिक मुआवजे की मांग की है।

वहीं, मामला शासन और प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद कृषि विभाग और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि वैज्ञानिकों की संयुक्त टीमों ने प्रभावित खेतों का धरातलीय दौरा करना शुरू कर दिया है। कृषि अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय कृषि विशेषज्ञों के परामर्श से अनुशंसित कीटनाशकों का सही मात्रा में छिड़काव करें।

Related Articles

Back to top button