ब्रेकिंग
Raipur Crime News: सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 लाख के जेवरात के साथ 3 ... Bastar Dussehra 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर में की शिरकत, आदिवासियों से जल-जंगल बचाने क... CM Vishnu Deo Sai on Congress: सीएम विष्णु देव साय का कांग्रेस पर हमला, बोले- आदिवासियों को सिर्फ वो... Power Plant Coal Supply: देश में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रेलवे की रफ्तार तेज, कोयला लदान में भार... Chirmiri Road Accident: बड़ा बाजार में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, कई लोग घायल; अस्पता... Chhindwara News: आजीविका मिशन ने बदली ग्रामीण महिलाओं की किस्मत, समता समन्वयक दीपिका और देवी बनीं आत... Jabalpur News: नगर निगम स्कूल के गरीब बच्चों ने भरी उड़ान, 85% से ज्यादा अंक लाने पर मिला फ्री हवाई ... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट; पचमढ़ी म... Sheopur News: जयपुर की रंजिश ने लिया खूनी रूप, मौत के बाद श्योपुर-सवाई माधोपुर हाईवे पर शव रखकर प्रद... Bhopal Road Accident: एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा, अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे सर्विस लेन पर गिरा तेज...
लाइफ स्टाइल

एसिडिटी और सीने की जलन से हैं परेशान? जानें इसके कारण, बचाव के उपाय और क्या खाएं क्या न खाएं

अक्सर कई लोगों को पेट में एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) की समस्या रहती है। इसमें मुख्य रूप से सीने में तेज जलन, खट्टी डकारें, गले में खराश या पेट में भारीपन जैसी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।

सामान्यतः लोग इसे एक साधारण समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, किंतु यदि यह परेशानी बार-बार होने लगे, तो इसके पीछे गलत खानपान और बिगड़ी हुई जीवनशैली (Lifestyle) एक बड़ी वजह हो सकती है। ऐसे में समय रहते इस पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि समस्या को गंभीर होने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके।

⚠️ एसिडिटी बढ़ाने वाले मुख्य फूड्स कौन से हैं? जानें NIDDK के दिशानिर्देश

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थ पेट में एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के शरीर पर इनका प्रभाव भिन्न हो सकता है:

  • तले-भुने और फैट वाले फूड्स: अत्यधिक तैलीय और फैट युक्त भोजन को पचने में अधिक समय लगता है, जिससे पेट में एसिड ज्यादा बनता है।

  • मसालेदार व खट्टे पदार्थ: तीखा-मसालेदार खाना, टमाटर, संतरा, मौसमी और नींबू जैसे साइट्रस फ्रूट्स।

  • पेय पदार्थ व कैफीन: चाय, कॉफी, कैफीन युक्त ड्रिंक्स, वातित पेय (कार्बोनेटेड ड्रिंक्स/सोडा), चॉकलेट और पुदीना (पपरमिंट) भी कई लोगों में एसिडिटी को ट्रिगर करते हैं। इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि किस चीज के सेवन से आपकी समस्या बढ़ती है और उससे परहेज करें।

🥗 एसिडिटी से तुरंत राहत पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

एसिडिटी की शिकायत होने पर हमेशा सुपाच्य और फाइबर से भरपूर हल्का भोजन चुनें। पेट को शांत और ठंडा रखने के लिए निम्नलिखित विकल्प बेहतर माने जाते हैं:

  • फाइबर और एल्कलाइन फूड्स: ओट्स, केला, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और दालें।

  • डेयरी व ठंडे पदार्थ: कम फैट वाला ताजा दही, छाछ और पर्याप्त मात्रा में गुनगुना या सामान्य पानी।

  • खानपान का सही तरीका: एक साथ अधिक खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में हल्का भोजन करें। जो फूड्स आपको सूट करते हों, केवल उन्हीं का सेवन करें।

🚫 एसिडिटी से बचने के लिए तुरंत बदलें ये 5 दैनिक आदतें

एसिडिटी और पेट की समस्याओं पर नियंत्रण पाने के लिए केवल खानपान ही नहीं, बल्कि सही आदतों को अपनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है:

  1. ओवरईटिंग से बचें: एक बार में बहुत अधिक खाना न खाएं।

  2. खाने के तुरंत बाद न सोएं: रात का भोजन सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पूर्व ही कर लें और खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें।

  3. नशे से दूरी बनाएं: धुम्रपान (Smoking) और मदिरापान (Alcohol) से सख्त दूरी बनाएं, क्योंकि ये पेट के वाल्व को कमजोर करते हैं।

  4. अत्यधिक टाइट कपड़े न पहनें: कमर पर ज्यादा टाइट कपड़े पहनने से पेट पर दबाव बनता है, जो एसिड को ऊपर की ओर ढकेलता है।

  5. चिकित्सकीय परामर्श: यदि एसिडिटी लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

🩺 एसिडिटी के इन गंभीर लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

यदि आपको निम्नलिखित गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना देर किए विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए:

  • सीने और गले में लगातार तेज जलन होना।

  • बार-बार खट्टी डकारें आना या भोजन निगलने में कठिनाई (Dysphagia) महसूस होना।

  • बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक वजन घटने लगना।

  • एसिडिटी की दवाइयां या एंटासिड (Antacids) लेने के बावजूद कोई राहत न मिलना।

  • समय पर सही जांच और उचित डॉक्टरी इलाज से इस समस्या को क्रोनिक GERD बनने से रोका जा सकता है।

Related Articles

Back to top button