PoJK का जनाक्रोश इस्लामाबाद-रावलपिंडी पहुंचा: पुलिस लाठीचार्ज, कई छात्र हिरासत में; चुनाव में भारी हंगामा

इस्लामाबाद/रावलपिंडी: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बीते कई दिनों से जारी उग्र जनविरोध प्रदर्शन अब पाकिस्तान के मुख्य शहरों—राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी तक फैल चुका है।
रविवार शाम रावलपिंडी प्रेस क्लब के बाहर विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। शाम 5 बजे के उपरांत भारी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए, जिनमें PoJK मूल के अध्ययनरत छात्र भी प्रमुख रूप से शामिल थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल ने सख्त रवैया अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और दर्जनों छात्रों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, किसी भी प्रकार की गोलीबारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
🗳️ PoJK विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भी भारी बवाल, 21 सीटों पर प्रभावित हुआ मतदान
यह संपूर्ण हिंसक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब PoJK विधानसभा चुनाव के द्वितीय चरण के अंतर्गत व्यापक विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली।
द्वितीय चरण के तहत कुल 21 विधानसभा सीटों पर मतदान निर्धारित था। इनमें मुजफ्फराबाद मंडल की 9 सीटें तथा पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में रह रहे PoJK शरणार्थियों हेतु आरक्षित 12 सीटें शामिल थीं। किंतु अधिकांश संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिक विरोध के चलते मतदान प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हुई। कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रह रहे कश्मीरी समुदायों ने भी चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए नारेबाजी की।
📢 कराची से इस्लामाबाद तक उग्र प्रदर्शन, राजनीतिक सुधारों और अधिकारों की मांग
कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर कश्मीरी युवाओं व नागरिक संगठनों ने विशाल रैलियां निकालीं।
प्रदर्शनकारियों ने चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मूलभूत राजनीतिक सुधारों और नागरिक अधिकारों की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय सूत्रों के अनुसार, स्थिति को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों ने कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को जबरन पुलिस वाहनों में लादकर हिरासत में ले लिया।
🚧 मुख्य मार्ग बंद होने से ठप पड़ी मतदान सामग्री, कई बूथों पर चुनाव स्थगित
व्यापक विरोध प्रदर्शनों और जगह-जगह लगाए गए सड़क जाम (Road Blockades) के कारण कई विधानसभा क्षेत्रों में पूरी निर्वाचन व्यवस्था चरमरा गई।
LA-27 कोटली क्षेत्र में आंदोलनकारियों द्वारा मुख्य राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिए जाने के कारण चुनाव कर्मी और आवश्यक मतदान सामग्रियां पोलिंग बूथों तक नहीं पहुंच सकीं, जिसके चलते मतदान स्थगित करना पड़ा। इसी प्रकार, LA-28 मुजफ्फराबाद-II (लेचरत) में भी चुनावी अधिकारी और सामग्रियां लगभग 71 मतदान केंद्रों तक पहुंचने में पूरी तरह विफल रहे। इस अव्यवस्था के बाद विपक्षी दलों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।
🥾 डी-चौक पर धरना और मुजफ्फराबाद लॉन्ग मार्च की चेतावनी, गोलीबारी के भी दावे
राजधानी इस्लामाबाद के प्रमुख केंद्र ‘डी-चौक’ (D-Chowk) पर प्रदर्शनकारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो वे मुजफ्फराबाद की ओर एक विशाल ‘लॉन्ग मार्च’ निकालेंगे। दूसरी ओर, रावलाकोट क्षेत्र से विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा रुक-रुक कर हवाई फायरिंग करने के दावे भी सामने आ रहे हैं, यद्यपि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
🪧 50 दिनों से जारी है अनिश्चितकालीन धरना, आम जनता ने किया चुनाव का बहिष्कार
ड्रैक ईदगाह (Dreak Eidgah) इलाके में जनविरोध अपने चरम पर है, जहाँ स्थानीय नागरिक पिछले 50 दिनों से लगातार धरना दे रहे हैं।
इस शांतिपूर्ण आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे भी भाग ले रहे हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी बुनियादी मांगें और अधिकार प्रदान नहीं किए जाते, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, कई नागरिक संगठनों का दावा है कि बहुसंख्यक मतदाताओं ने विरोध स्वरूप मतदान केंद्रों से दूरी बनाकर चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया है।






