ब्रेकिंग
Jamaica Reparations UK King Charles: जमैका ने ब्रिटेन के सामने रखी गुलामी के मुआवजे की मांग, जानिए क... Tarang Shakti and Submarine Deal: भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, तरंग शक्ति एक्सरसाइज ... Canada Deportation Bishnoi Gang: कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, छात्र बनकर गए भा... Bank Strike September 2026 Update: देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले राहत, 27 सितंबर यानी रविवार को खुले... ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ...
झारखण्ड

रांची अपर बाजार में नगर निगम के नोटिस पर भड़के व्यापारी: 12 बजे तक बंद रहीं दुकानें, पार्किंग और नक्शे को लेकर बवाल

रांची (झारखंड): राजधानी रांची के सबसे बड़े व पुराने व्यावसायिक केंद्र ‘अपर बाजार’ में रांची नगर निगम (RMC) की दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में सोमवार को व्यापारियों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला।

नगर निगम द्वारा बिना स्वीकृत भवन नक्शे, पार्किंग व्यवस्था के अभाव तथा कथित अवैध निर्माणों को लेकर लगातार जारी किए जा रहे नोटिसों के विरोध में व्यवसायियों ने सुबह से दोपहर 12 बजे तक अपनी-अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं। हड़ताली व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस प्रकार की एकतरफा कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी और आजीविका पर गहरा संकट मंडराने लगा है।

📋 ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी, श्रीराम जानकी मंदिर और हरमू रोड के पास अतिक्रमण हटाने का रोडमैप

उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने हाल ही में अपर बाजार के दर्जनों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और नियमों का अनुपालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

जिन परिसरों में स्वीकृत भवन योजना (Building Map), पर्याप्त पार्किंग स्थान अथवा अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उनके खिलाफ ट्रेड लाइसेंस निरस्त करने और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, अपर बाजार एवं हरमू रोड स्थित ऐतिहासिक श्रीराम जानकी मंदिर के आसपास से अवैध अतिक्रमण हटाने की तैयारी भी निगम प्रशासन कर रहा है।

🗣️ “कार्रवाई से पहले संवाद करे निगम, अचानक अल्टीमेटम देना अनुचित”: व्यवसायी दिनेश मांसारिया

निगम की इस प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में आयोजित सांकेतिक बंद के दौरान व्यापारी संघ के प्रतिनिधि दिनेश मांसारिया ने कहा कि, “नगर निगम केवल अल्टीमेटम दे रहा है, किंतु दशकों से व्यापार कर रहे लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। वर्षों पुराने दुकानदारों को अचानक प्रतिष्ठान बंद करने का आदेश देना कतई न्यायसंगत नहीं है। यदि निगम को कोई प्रशासनिक कदम उठाना ही है, तो पहले व्यापारियों के साथ मेज पर बैठकर संवाद कायम करना चाहिए।”

🚗 “ट्रैफिक जाम की मूल समस्या से ध्यान भटका रहा है निगम”: व्यवसायी विनोद राजगढ़िया

वहीं स्थानीय व्यवसायी विनोद राजगढ़िया ने नगर निगम की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “अपर बाजार क्षेत्र में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से आम जनता और व्यापारी परेशान रहते हैं, किंतु उसे दुरुस्त करने के लिए निगम कोई ठोस पहल नहीं करता। जब भी निगम की टीम आती है, तो केवल नोटिस थमाने और दुकानें बंद कराने का काम करती है, जबकि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का समाधान शून्य है।”

💬 “रोजगार छीनना मकसद नहीं, शहर को सुगम बनाना उद्देश्य”: डिप्टी मेयर नीरज कुमार

दूसरी ओर, व्यापारियों के आक्रोश पर अपना पक्ष रखते हुए रांची नगर निगम के डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने कहा कि, “निगम का ध्येय किसी भी व्यवसायी का रोजगार छीनना या उन्हें प्रताड़ित करना कतई नहीं है, बल्कि राजधानी को व्यवस्थित, स्वच्छ और यातायात हेतु सुगम बनाना है। सभी व्यापारी संघों से सकारात्मक बातचीत के उपरांत ही अगला कोई निर्णय लिया जाएगा। निगम नियमानुसार मध्य मार्ग निकालने का प्रयास करेगा।”

⚖️ अव्यवस्थित निर्माण और अतिक्रमण से चरमराई यातायात व्यवस्था, निगम-व्यापारी वार्ता पर टिकीं निगाहें

नगर निगम प्रशासन का तर्क है कि शहर के घनी आबादी वाले पुराने व्यावसायिक क्षेत्रों में बेतरतीब निर्माण, पार्किंग की अनुपलब्धता और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण समूची यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा होती है। ऐसे में कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई अपरिहार्य है।

हालाँकि, व्यापारी वर्ग का आग्रह है कि उन्हें त्रुटियों को सुधारने हेतु पर्याप्त समय और उचित स्थान का विकल्प दिया जाए। फिलहाल, सभी की नजरें नगर निगम और व्यापारियों के बीच होने वाली आगामी उच्च स्तरीय वार्ता पर टिकी हुई हैं।

Related Articles

Back to top button