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दिल्ली/NCR

जंतर-मंतर पर अपराधियों की एंट्री पर भड़के अभिजीत दीपके: दिल्ली पुलिस के दावों पर उठाए सवाल, दी आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर अपराधियों की संदिग्ध मौजूदगी के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर पर किसी भी सामान्य नागरिक की बिना सख्त चेकिंग और सुरक्षा जांच के एंट्री नहीं होती है, यहां तक कि खुद उन्हें भी बिना चेकिंग के प्रवेश नहीं दिया जाता, तो ऐसे में अपराधी परिसर के भीतर कैसे पहुंच गए? दिल्ली पुलिस के उस दावे का जिक्र करते हुए जिसमें कहा गया था कि जंतर-मंतर पर 2,100 क्रिमिनल मौजूद थे, दीपके ने पूछा कि इन सभी को अंदर जाने की अनुमति कैसे मिली? उन्होंने कहा कि यह सवाल तो दिल्ली पुलिस से पूछा जाना चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनका बड़ा सुरक्षा फेलियर है। दीपके ने आगे कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे थे कि उनकी सरकार में कोई इस्तीफा नहीं होता, किंतु देश के जागरूक युवाओं ने एक मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया है।

📚 छात्रों के उत्पीड़न और मुकदमों पर उठाए सवाल, वादे से मुकरने का लगाया आरोप

आंदोलनकारी छात्रों के उत्पीड़न के मुद्दे पर विस्तार से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि पूर्व में सरकार ने आंदोलन समाप्त कराने के समय यह भरोसा दिया था कि सभी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।

सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र को प्रशासनिक उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, इसके विपरीत अब देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है।

⚠️ देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी के बाद कई राज्यों ने वापस लिए मुकदमे

दीपके ने बताया कि उन्होंने छात्रों पर दर्ज मुकदमों का यह गंभीर मामला सरकार के समक्ष पुनः प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद संबंधित अधिकारी सभी केस वापस लेने पर सहमत हो गए थे।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो वे एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे और जंतर-मंतर पर विशाल धरना देंगे। इस चेतावनी के उपरांत बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की सरकारों ने आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रदर्शनकारी या छात्र को परेशान नहीं करेंगे।

🛑 दिल्ली समेत कुछ राज्यों में अब भी दर्ज हैं केस, मांगे पूरी न होने पर फिर होगा बड़ा आंदोलन

अभिजीत दीपके ने खेद जताते हुए कहा कि दिल्ली सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में छात्रों पर दर्ज मुकदमे अभी तक वापस नहीं लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि, “हम वर्तमान में सरकार को समझाने और संवाद के माध्यम से हल निकालने का प्रयास कर रहे हैं। यदि सरकार हमारी जायज मांगों को नहीं मानती है और छात्रों पर दर्ज मुकदमे रद्द नहीं करती है, तो हम बिना किसी देरी के एक और बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।”

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