धमतरी में सरकारी राशन वितरण में बड़ा घोटाला! 35 की जगह दिया 20 किलो चावल, ग्रामीणों ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

धमतरी (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले अंतर्गत मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी से शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान (PDS) में गंभीर अनियमितता और खाद्य गबन का मामला सामने आया है।
गांव के दर्जनों हितग्राहियों ने राशन दुकान संचालक पर निर्धारित मात्रा से काफी कम खाद्यान्न वितरित करने का आरोप लगाया है। इस धोखाधड़ी से आक्रोशित होकर दर्जनों ग्रामीणों ने करेली बड़ी पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा है और राशन दुकान संचालक के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
⚖️ मार्च से जून 2026 के बीच हुआ फर्जीवाड़ा, कार्डधारियों ने पुलिस को सौंपे राशन कार्ड नंबर
ग्रामीणों द्वारा पुलिस में दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, करेली बड़ी स्थित राशन दुकान में मार्च से जून 2026 की समयावधि के दौरान कई पात्र राशन कार्डधारियों को तय कोटा नहीं दिया गया।
शासन द्वारा प्रति कार्ड 35 किलोग्राम चावल निर्धारित होने के बावजूद संचालक द्वारा केवल 20 किलोग्राम चावल ही वितरित किया गया। शिकायत पत्र में जेठिन बाई, झरिहारिन साहू, इंदु साहू, हेमिन बाई, गामिनी साहू, वासुकी साहू, भारती राव, प्रभा बाई निषाद, सुशीला पटवा, जमुना बाई साहू, सेवती यादव, दुलारी बाई साहू, प्रीति सेन, रूपा, मधु यादव, राजो बाई यादव और सपना भाट सहित कई महिला हितग्राहियों के राशन कार्ड नंबर और संबंधित महीनों का स्पष्ट ब्यौरा दर्ज किया गया है।
📊 ऑनलाइन एंट्री और वास्तविक स्टॉक के मिलान की मांग, गबन और सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 10 मार्च और 7 अप्रैल 2026 को राशन वितरण के दौरान इस बड़ी धांधली की पुष्टि हुई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह केवल कम खाद्यान्न बांटने का मामला नहीं है, बल्कि यह सरकारी राशन का संगठित गबन, सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग और गरीब हितग्राहियों के साथ की गई प्रत्यक्ष धोखाधड़ी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन ऑनलाइन वितरण रिकॉर्ड, फिजिकल स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक वितरण का निष्पक्ष मिलान कराए ताकि पूरे वित्तीय घोटाले की सच्चाई सामने आ सके।
📢 खाद्य विभाग की जांच के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, शिकायतकर्ता ढालचंद निषाद ने उठाए सवाल
मामले के मुख्य शिकायतकर्ता एवं करेली बड़ी निवासी ढालचंद निषाद ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस अनियमितता के संबंध में लगातार खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया था।
उनका कहना है कि शिकायत के पश्चात विभागीय जांच टीम गांव पहुंची थी और जांच प्रक्रिया पूरी भी की गई थी, किंतु महीनों बीत जाने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। ढालचंद निषाद ने कहा कि “प्रशासनिक कार्रवाई में हो रही यह अकारण देरी पूरे मामले को संदेह के घेरे में खड़ा करती है। हम मांग करते हैं कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को तत्काल जेल भेजा जाए।”
🏛️ “शिकायत मिलते ही नियमानुसार की जाएगी कठोर कार्रवाई”: धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
इस संवेदनशील मामले पर धमतरी के जिलाधीश (कलेक्टर) अबिनाश मिश्रा ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “फिलहाल यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है और न ही औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है। जैसे ही शिकायत प्रस्तुत होती है, नियमानुसार खाद्य विभाग और राजस्व टीम से तत्काल जांच कराई जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान संचालक के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”








