बांके बिहारी आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति! ₹6,922 करोड़ की मथुरा हेरिटेज सिटी परियोजना को मिली मंजूरी

मथुरा (उत्तर प्रदेश): बांके बिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन हेतु प्रतिवर्ष देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुँचते हैं। तथापि, वर्षों से शहर की संकरी गलियों, पुरानी सडकों और भीषण ट्रैफिक जाम के कारण श्रद्धालुओं को घंटों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य सरकार द्वारा बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की महत्वाकांक्षी ‘मथुरा हेरिटेज सिटी परियोजना’ को नई गति मिल गई है। लगभग 6,922 करोड़ रुपये की लागत वाली इस बहुउद्देश्यीय परियोजना की तकनीकी निविदा (Tender) को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अब राज्य कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलते ही डेवलपर कंपनी का चयन कर निर्माण कार्य त्वरित गति से प्रारंभ किया जाएगा।
🌉 15.3 किमी लंबी नई सड़क और यमुना नदी पर बनेगा भव्य सस्पेंशन ब्रिज, सीधे मंदिर क्षेत्र तक पहुँचेंगे वाहन
इस दूरगामी परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांके बिहारी जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों से बचाते हुए सुगम व सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है।
इसके अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15.3 किलोमीटर लंबी एक अत्याधुनिक नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह मार्ग आगे यमुना नदी पर बनने वाले एक भव्य सस्पेंशन ब्रिज से जुड़ेगा। इस नई सीधी कनेक्टिविटी के माध्यम से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे की ओर से आने वाले श्रद्धालु शहर के पारंपरिक ट्रैफिक में फंसे बिना सीधे मंदिर क्षेत्र के समीप पहुँच सकेंगे, जिससे समय की भारी बचत होगी।
🚌 मंदिर क्षेत्र में निजी वाहनों के प्रवेश पर लगेगी रोक, ई-रिक्शा और ई-बसों से मिलेगी सुगम परिवहन सेवा
परियोजना के यातायात प्रबंधन मॉडल के अंतर्गत बांके बिहारी मंदिर के निकटतम क्षेत्र में निजी चार पहिया वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित व सीमित किया जाएगा।
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित बहुस्तरीय आधुनिक पार्किंग स्थलों पर ही अपने वाहन खड़े करने होंगे। वहाँ से मंदिर प्रांगण तक जाने हेतु ई-रिक्शा, ई-बसें व पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन किया जाएगा। इस व्यवस्था से मंदिर परिसर के आसपास वाहनों का दबाव नगण्य हो जाएगा तथा स्थानीय निवासियों व दर्शनार्थियों को स्थायी रूप से जाम से मुक्ति मिलेगी।
🛕 753 एकड़ में फैलेगा आधुनिक हेरिटेज सिटी परिसर, थीम पार्क व प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र होंगे स्थापित
मथुरा हेरिटेज सिटी योजना के तहत कुल 753 एकड़ विशाल भू-भाग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परिसर विकसित किया जाना तय हुआ है।
यहाँ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों हेतु थीम पार्क, ध्यान केंद्र (Meditation Centre), भव्य प्रवचन स्थल, आधुनिक होटल, सर्वसुविधायुक्त धर्मशालाएं, पर्यटन सूचना केंद्र, बहु-व्यंजन रेस्टोरेंट, पौराणिक संग्रहालय (Museum) और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र (Naturopathy Centre) जैसी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मुख्य ध्येय धार्मिक पर्यटन को आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ना है।
💰 ₹6,922 करोड़ का विस्तृत बजट ढांचा, यीडा को प्रतिवर्ष प्राप्त होगा ₹34 करोड़ का राजस्व
संपूर्ण हेरिटेज सिटी परियोजना के निष्पादन हेतु लगभग 6,922 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
इसमें से 1,954 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्यों पर व्यय होंगे, जबकि 1,310 करोड़ रुपये भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया हेतु आवंटित किए गए हैं। इस परियोजना को धरातल पर उतारने वाली डेवलपर एजेंसी को 5 वर्षों का मोरेटोरियम और 70 वर्षों का दीर्घकालिक संचालन लाइसेंस (Operating License) प्रदान किया जाएगा। यमुना प्राधिकरण का आकलन है कि इस परियोजना से उसे प्रतिवर्ष औसतन 34 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
🚜 22 हेक्टेयर भूमि का होगा त्वरित अधिग्रहण, कैबिनेट की स्वीकृति के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, निविदा स्वीकृत होने के उपरांत अब प्रस्ताव को अंतिम अनुमोदन हेतु उत्तर प्रदेश कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
कैबिनेट की मुहर लगते ही डेवलपर का चयन पूर्ण कर भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। परियोजना के प्रथम चरण में सड़क निर्माण और विशाल पार्किंग स्थलों हेतु लगभग 22 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसके पश्चात् बुनियादी ढांचे का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूर्ण होगा।
💬 “मथुरा-वृंदावन को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में मिलेगी नई पहचान”: डॉ. शैलेंद्र भाटिया, CEO यीडा
“मथुरा हेरिटेज सिटी परियोजना की निविदा को औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। कैबिनेट अनुमोदन के तुरंत बाद डेवलपर का चयन कर कार्य तेजी से प्रारंभ कराया जाएगा। यह वृहद परियोजना न केवल बांके बिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम व सुखद बनाएगी, बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया आयाम प्रदान करेगी।”






