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हरियाणा

समालखा में महिला की संदिग्ध मौत पर अस्पताल में बवाल: पुलिस पर सुसाइड नोट में आरोप, परिजनों का पोस्टमार्टम से इनकार

समालखा (हरियाणा): समालखा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गांव बिलासपुर में जमीन विवाद से जुड़े एक संवेदनशील मामले में 42 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

शुक्रवार को समालखा उपमंडल नागरिक अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान बबली पत्नी स्वर्गीय नरेंद्र (निवासी बिलासपुर) के रूप में हुई है। परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और न्याय की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया।

📄 कथित सुसाइड नोट और वीडियो में पुलिस पर आरोप, इकलौते बेटे की गिरफ्तारी से तनाव में थी महिला

परिजनों का आरोप है कि बबली ने कथित रूप से कोई विषैला पदार्थ निगलने से पूर्व एक सुसाइड नोट लिखा था और वीडियो संदेश भी बनाया था।

आरोप है कि इसमें उसने थाना बापौली के कतिपय पुलिसकर्मियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों के अनुसार, बबली का 22 वर्षीय इकलौता जीवित बेटा कुलदीप एक मारपीट के केस में जेल में बंद है, जिसे पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाया था। मृतका के पति की 8 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरे बेटे सचिन की 2019 में सड़क दुर्घटना में जान चली गई थी। बेटे के जेल जाने के पश्चात से महिला अत्यधिक मानसिक तनाव में थी।

🏥 अस्पताल परिसर में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, रिहाई और कार्रवाई तक पोस्टमार्टम से इनकार

महिला का शव पोस्टमार्टम हेतु समालखा नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जमा हो गए।

आक्रोशित परिजनों ने थाना बापौली के प्रभारी, जांच अधिकारी व संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, दोषी कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती और कुलदीप को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समालखा थाना प्रभारी महिपाल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

🚔 पुलिस का पक्ष: परिजनों के आरोप निराधार, जमीन बेचने को लेकर कोर्ट में चल रहा था विवाद

उधर, थाना बापौली प्रभारी पवन ने परिजनों द्वारा लगाए गए समस्त आरोपों को निराधार एवं असत्य करार दिया है।

उन्होंने बताया कि लगभग एक माह पूर्व जमीन विवाद के प्रकरण में महिला व उसके बेटे के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज हुआ था, जिसके तहत नियमानुसार कुलदीप को गिरफ्तार किया गया है। जिस भूमि को लेकर विवाद है, उस पर मृतका के पति के नाम दोयम गिरदावरी दर्ज थी, जिसे वे 12 वर्ष पूर्व गांव देहरा के लोगों को बेच चुके थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद न्यायालय और पुलिस तक पहुंचा था।

🔍 “सुसाइड नोट और वीडियो की होगी फॉरेंसिक जांच”: पुलिस प्रशासन

“पुलिस प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल कथित सुसाइड नोट, वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक व कानूनी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के पश्चात ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मृत्यु के वास्तविक कारण क्या हैं और इसमें किसी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका है या नहीं। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल में परिजन डटे हुए थे और पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी।”

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