बिलासपुर में डिप्टी सीएम अरुण साव की सख्त बैठक: 4 अफसरों को कारण बताओ नोटिस, विकास कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): उप मुख्यमंत्री और बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने विकास कार्यों की प्रगति को लेकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘मंथन सभाकक्ष’ में प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।
शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय परिवर्तन के साथ जन-आवश्यकताएं भी बदल रही हैं; अतः वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की भावी आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जाएं। साव ने विकास कार्यों की गति तेज करने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
⚠️ बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले 4 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, बिजली खंभे लगाने के मामले की जांच के आदेश
बिल्हा विकासखंड के ग्राम बरतोरी से मोहतरा मार्ग के मध्य अनुचित तरीके से बिजली के खंभे लगाए जाने के विषय को भी उप मुख्यमंत्री ने अत्यधिक गंभीरता से लिया।
उन्होंने इस लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए जिला पंचायत सीईओ को संपूर्ण मामले की त्वरित जांच कर आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ताकीद की कि यदि जांच में विद्युत विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने वाले 4 अधिकारियों पर भी साव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) सहित रतनपुर नगरपालिका के सीएमओ (CMO) को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए।
🌊 बिलासपुर शहर में जलभराव की समस्या का बनेगा स्थायी समाधान, बारिश समाप्त होते ही शुरू होगा सड़कों का सुधार
उप मुख्यमंत्री साव ने बिलासपुर नगर में प्रथम मानसून की वर्षा में ही उभरकर सामने आई जलभराव (Waterlogging) की समस्या पर भी अधिकारियों से सीधा जवाब-तलब किया।
उन्होंने कहा कि शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी व प्रभावी निस्तारण करने हेतु एक ठोस एवं वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को ताकीद की कि वे अभी से प्रशासनिक तैयारी पूर्ण रखें, ताकि मानसून समाप्ति के तुरंत बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सुधार का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किया जा सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वे निर्माण एजेंसियों एवं विभागों की पृथक से बैठक लेकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेंगे, क्योंकि निर्माण गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
🦟 गांव-गांव तक मौसमी बीमारियों की निगरानी के निर्देश, कोटा विकासखंड में मिले मलेरिया के 48 मरीज
समीक्षा बैठक में मलेरिया तथा अन्य मौसमी व संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हेतु की गई तैयारियों की भी सघन समीक्षा की गई।
साव ने ग्रामीण स्तर तक लगातार स्वास्थ्य निगरानी रखने और मितानिनों के पास जीवनरक्षक आवश्यक औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शुभा गरेवाल ने अवगत कराया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के कुल 48 मरीज चिह्नित हुए हैं। इनमें से 6 एक्टिव मरीजों का उपचार जारी है, जबकि शेष पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। प्रभावित अंचलों में रोटरी क्लब के सौजन्य से 1500 से अधिक मच्छरदानियों का वितरण भी किया जा रहा है।
🌾 जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध, शिविर लगाकर किसानों का पंजीयन कराने पर जोर
कृषि विभाग के कामकाज की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि जिले में अनुकूल वर्षा के कारण फसलों की स्थिति काफी संतोषजनक है और बांधों में भी पर्याप्त जलभराव है।
अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जिले में उर्वरक एवं बीज की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों में लगभग 300 क्विंटल प्रामाणिक बीज और 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं। साव ने अधिकारियों को गांव-गांव में विशेष शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत किसानों का डिजिटल पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
“प्रशासनिक जटिलताओं या पंजीयन न होने के कारण प्रदेश का एक भी पात्र किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने से वंचित न रहे।” — अरुण साव, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
🏘️ वीबी-जी रामजी योजना से सुदृढ़ होंगे ग्रामीण अंचल, जल जीवन मिशन की 310 योजनाएं हुईं पूर्ण
जिला पंचायत की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने ‘वीबी-जी रामजी योजना’ को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ऐसे अधोसंरचनात्मक कार्यों का चयन किया जाए, जिनकी वास्तविक आवश्यकता गांवों को है। इसके तहत मुक्तिधाम, सामुदायिक शौचालय, प्राथमिक शालाओं का जीर्णोद्धार, जल संरक्षण एवं छोटे चेकडैम जैसे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने गांवों में जल संवर्धन हेतु जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं, जल जीवन मिशन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में स्वीकृत 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिनमें से 219 योजनाएं पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं। साव ने इन योजनाओं के सुचारू संचालन हेतु ‘जल अर्पण अभियान’ चलाने पर जोर दिया।
🏛️ ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित विकास के लिए बनेगा वृहद मास्टर प्लान
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर नगरी ‘मल्हार’ और ‘रतनपुर’ के समन्वित व सर्वांगीण विकास के लिए एक दीर्घकालिक ‘मास्टर प्लान’ (Master Plan) तैयार करने के ऐतिहासिक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दोनों धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों की प्राचीन विरासत, पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं और आगामी 25 वर्षों की भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास की एक एकीकृत व्यापक योजना तैयार की जाए।
🏠 पीएम आवास और शहरी स्वच्छता में तेजी के निर्देश, जीवनदीप समिति की बैठक में कई प्रस्ताव स्वीकृत
नगर विकास एवं नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), अधोसंरचना विकास तथा शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बिलासपुर में आईएसडीपी (ISDP) योजना के तहत निर्मित आवासों का जीर्णोद्धार कराकर पात्र निर्धन परिवारों को शीघ्र आवास आबंटित करने का निर्देश दिया। मुख्य समीक्षा बैठक के उपरांत जिला अस्पताल की ‘जीवनदीप समिति’ और शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की ‘आयुष समिति’ की बैठकें भी संपन्न हुईं, जिनमें स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार संबंधी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उप मुख्यमंत्री द्वारा जारी समस्त दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने का प्रतिबद्ध आश्वासन दिया।






