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Chhattisgarh Crime: रिसॉर्ट की आड़ में चल रहा था प्रतिबंधित लकड़ियों का खेल, संयुक्त टीम ने किया पर्दाफाश

बालोद: जिले में प्रतिबंधित लकड़ियों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। खरखरा जलाशय के किनारे ग्राम घोरदा स्थित बैना रिसॉर्ट (Baina Resort) में महंगे शौक के लिए कीमती और प्रतिबंधित लकड़ियां रखी मिली हैं। रिसॉर्ट की आड़ में लकड़ी की वर्कशॉप संचालित होने की गुप्त सूचना पर वन विभाग की टीम ने अचानक दबिश दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।

🪑 बिना वैध दस्तावेज के मिले लाखों के फर्नीचर और चिरान

जांच के दौरान मौके पर भारी मात्रा में लाखों रुपये की बीजा समेत अन्य प्रतिबंधित और मिश्रित प्रजातियों के चिरान, दरवाजे, चौखट, बेड और तैयार फर्नीचर बरामद किए गए। वन मंडल अधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह रेड की गई। निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में चिरान के साथ ही आधे बने फर्नीचर और कई लकड़ियां मिली हैं। कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट संचालक लकड़ियों की खरीद-बिक्री और भंडारण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। सूर्यास्त होने के कारण बुधवार को जब्ती व गणना की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी, जिसके चलते परिसर की निगरानी के लिए मौके पर वनकर्मी तैनात किए गए थे।

🪵 रिसॉर्ट की साज-सज्जा में हो रहा था महंगी लकड़ियों का उपयोग

वन मंडल अधिकारी ने बताया कि वहां फ्लोर और पिलर बनाने के लिए लकड़ी व मशीनों का उपयोग किया जा रहा था। जांच में यह बात सामने आई है कि रिजॉर्ट की सजावट और उसे आकर्षक बनाने के लिए इन लकड़ियों का बेखौफ उपयोग किया जा रहा था। ये सभी बेहद महंगी और प्रतिबंधित लकड़ियां हैं, जिनसे फर्नीचर बनाए जा रहे थे। कुछ फर्नीचर बनकर तैयार थे, जिन्हें वन विभाग ने जब्त कर लिया है। वन विभाग आसपास के जंगलों को भी खंगाल रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं पेड़ों की कटाई इसी जंगल से तो नहीं की गई है।

🚓 संयुक्त टीम की मौजूदगी में हो रही है विस्तृत जांच

अब वनमंडल स्तरीय उड़नदस्ता, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में परिसर में मौजूद सभी लकड़ियों व फर्नीचर की विस्तृत गणना की जा रही है। वन विभाग इस बात की गहन जांच में जुटा है कि प्रतिबंधित लकड़ियों की यह इतनी बड़ी खेप कहां से और किसके माध्यम से रिसॉर्ट तक पहुंचाई गई थी। जांच के बाद आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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