हवा में 300 फीट नीचे गिरी एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट: पायलटों पर DGCA का एक्शन, साइकोएक्टिव टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार

नई दिल्ली (विमानन ब्यूरो): फुकेट (थाईलैंड) से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट (AI2379) में हवा में अचानक भयानक टर्बुलेंस के कारण विमान लगभग 300 फीट नीचे गिर गया।
इस संवेदनशील घटनाक्रम के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूरी होने तक विमान के दोनों पायलटों को ड्यूटी रोस्टर से हटा दिया है। शामिल पायलट के साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट की अंतिम पुष्टिकर्ता रिपोर्ट (Confirmatory Test Report) का अभी इंतजार किया जा रहा है।
✈️ 4 अगस्त को घटित हुई थी घटना, जोरदार झटकों से सहम गए थे यात्री
यह घटना गत 4 अगस्त को उस समय घटित हुई जब एयर इंडिया का ए320 विमान (पंजीकरण संख्या VT-EXO) फुकेट से दिल्ली की ओर उड़ान पर था।
मार्ग में अचानक विमान में अत्यधिक तीव्र एवं भयानक झटके लगे और वह पलक झपकते ही लगभग 300 फीट नीचे आ गिरा। हालांकि, कॉकपिट क्रू ने समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया। विमानन सुरक्षा नियमों के मानक प्रोटोकॉल के तहत घटना के तुरंत बाद दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया।
🧪 कैप्टन की प्राथमिक टेस्ट रिपोर्ट में आया संदेहास्पद रिजल्ट, लैब भेजी गई सैंपल रिपोर्ट
परीक्षण के दौरान कैप्टन के प्रारंभिक स्क्रीनिंग टेस्ट में ऐसा परिणाम सामने आया, जिसके लिए प्राधिकृत प्रयोगशाला से द्वितीय स्तरीय पुष्टिकर्ता परीक्षण (Confirmatory Test) अनिवार्य होता है।
कैप्टन का जैविक नमूना (Sample) अधिकृत लैब में परीक्षण हेतु प्रेषित कर दिया गया है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट प्रतीक्षित है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक स्क्रीनिंग का तात्पर्य यह कदापि नहीं है कि पायलट निश्चित रूप से नशे की हालत में था; अंतिम प्रामाणिक पुष्टि लैब की विस्तृत रिपोर्ट आने के पश्चात ही संभव होगी। इस प्रकरण को विमानन क्षेत्र में ‘गंभीर घटना’ (Serious Aviation Incident) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
🔍 अचानक ऊंचाई कम होने के कारणों की पड़ताल में जुटी AAIB, यात्रियों और क्रू को आई चोटें
विमानन सुरक्षा जांच एजेंसी ‘एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ (AAIB) इस पूरे घटनाक्रम की गहन तकनीकी जांच कर रही है।
जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विमान की ऊंचाई अचानक अचानक कैसे कम हुई और इस दौरान उसमें सवार यात्रियों व केबिन क्रू को किस प्रकार चोटें आईं। DGCA ने स्पष्ट किया है कि अंतिम लैब रिपोर्ट और AAIB की निष्पक्ष जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की सख्त प्रशासनिक व वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
📢 नागरिक उड्डयन मंत्रालय का स्पष्टीकरण: “अंतिम रिपोर्ट से पहले निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी”
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्थिति में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या यह कहना अतिशयोक्ति होगी कि पायलट ने किसी प्रतिबंधित साइकोएक्टिव पदार्थ का सेवन किया था।
इसकी प्रामाणिक पुष्टि केवल अंतिम लैब रिपोर्ट के माध्यम से ही संभव हो सकेगी। मंत्रालय तथा DGCA ने आश्वस्त किया है कि भारत में विमानन सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा के सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
👥 फ्लाइट में सवार थे 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर्स, झटकों से कई लोग हुए चोटिल
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, घटना के समय इस विमान में 3 बच्चों सहित कुल 137 यात्री सवार थे।
इनके अतिरिक्त विमान में 8 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 2 पायलट और 6 केबिन क्रू सदस्य शामिल थे। अचानक विमान के 300 फीट नीचे गिर जाने और तेज हवा के झोंकों (Severe Turbulence) के कारण विमान के भीतर असंतुलन की स्थिति निर्मित हो गई, जिससे कुछ यात्रियों और केबिन क्रू सदस्यों को शारीरिक चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई गई।






