ब्रेकिंग
Ujjain Demolition and Security News: शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी, 40 मजदूर त... Jabalpur High Court Paddy Scam Hearing: मध्य प्रदेश के 34 करोड़ के धान घोटाले पर हाईकोर्ट में सुनवाई... Guna Unique Coin Collection: गुना के अजय जैन के पास है मौर्य और मुगल काल के 2000 से अधिक प्राचीन सिक... Mona Lisa Birth Certificate MP High Court Verdict: इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मोनालिसा के पहले जन... Kaushalya Devi Sany Bhajan: रामधुनी में मंजीरा बजाती नजर आईं मुख्यमंत्री की पत्नी, डिप्टी सीएम विजय ... Kanker Collector Mandri Dance: सेवा संकल्प शिविर में ग्रामीणों के साथ झूमे कलेक्टर कुंदन कुमार, वीडि... Pregnant Woman Death in Korba: दीपिका बस्ती निवासी महिला ने तोड़ा दम, परिजनों की गुहार अनसुनी करने क... Madhya Pradesh Health Crisis: उकवा क्षेत्र के सुंदरवाही गांव में मातम, राहुल गांधी आज मृत बच्चों के ... Rahul Gandhi Balaghat Visit: राहुल गांधी के आदिवासी दौरे पर सियासत तेज, भाजपा के आरोपों पर जीतू पटवा... Ujjain Master Plan 2035 Implementation: 15 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर चौड़ा होगा मार्ग, 39 प्रभावितों को...
छत्तीसगढ़

डोंगरिया घाट के जलेश्वर महादेव में उमड़ा शिवभक्तों का जनसैलाब: फोंक नदी में 50 फीट गहराई में स्थापित हैं स्वयंभू शिवलिंग

पंडरिया/कबीरधाम (छत्तीसगढ़): पवित्र सावन मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले अंतर्गत पंडरिया ब्लॉक के प्रसिद्ध डोंगरिया घाट पर आस्था का अद्भुत जनसैलाब देखने को मिला।

प्रातः काल से ही सिद्धपीठ जलेश्वर महादेव मंदिर में हजारों की संख्या में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के दिव्य दर्शन और जलाभिषेक हेतु पैदल यात्रा कर डोंगरिया जलेश्वर महादेव धाम पहुंचे। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से संपूर्ण वनांचल क्षेत्र गुंजायमान रहा। इस पावन अवसर पर स्थानीय विधायक द्वारा दूर-दराज से आए शिवभक्तों व कांवड़ियों हेतु विशाल भंडारे (भोजन) एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई थी।

🚩 मां नर्मदा धाम अमरकंटक से भोरमदेव तक 150 किमी की कठिन कांवड़ पदयात्रा

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना को लेकर प्रतिवर्ष सैकड़ों कांवड़िए मध्यप्रदेश के पवित्र अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर से जल उठाकर डोंगरिया महादेव होते हुए प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर तक की ऐतिहासिक कांवड़ पदयात्रा करते हैं।

इस 150 किलोमीटर लंबी अत्यंत दुर्गम यात्रा के दौरान शिवभक्त घने सतपुड़ा के जंगलों, पथरीली पगडंडियों, ऊंचे-नीचे पर्वतीय मार्गों और बारिश में उफनती नदी-नालों को पार करते हैं। सावन के पावन महीने में इस कठिन साधना को पूर्ण कर कांवड़िए डोंगरिया घाट पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन करते हैं।

🌊 फोंक नदी के बीचों-बीच शैल खंडों में 50 फीट गहराई में विराजमान हैं स्वयंभू शिवलिंग

डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर का धार्मिक व पौराणिक महत्व अत्यंत विशिष्ट है।

यह पवित्र मंदिर कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग के समीप प्रवाहित होने वाली फोंक नदी के बीचों-बीच स्थित है। यहाँ का अलौकिक एवं अद्भुत स्वयंभू शिवलिंग नदी की सतह से करीब 50 फीट गहराई में विशाल शैल खंडों (चट्टानों) के मध्य विराजमान है। जल में गहराई पर स्थित होने के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है। प्रतिवर्ष माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यहाँ भव्य मेला आयोजित होता है।

🦶 “रास्ते के सारे कष्ट हर लेते हैं महादेव”: कांवड़ियों ने बयां किया भक्ति का अनुभव

अमरकंटक से पवित्र नर्मदा जल लेकर 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करके पहुंचे ‘बोल बम’ कांवड़ियों के दल ने फोंक नदी के मध्य स्थित इस दिव्य शिवलिंग पर विधि-विधान से जलाभिषेक किया।

यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कांवड़ियों ने बताया कि, “मार्ग में उफनते नदी-नालों, दुर्गम पहाड़ों और नुकीले पत्थरों पर निरंतर चलने से पैरों में छाले व शारीरिक तकलीफें होती हैं, किंतु जैसे ही हम महादेव के दर पर पहुंचते हैं, शिवजी हमारे सारे कष्ट और थकावट क्षणभर में हर लेते हैं।” वहीं एक महिला कांवड़िया ने बताया कि वे विगत 3 वर्षों से अपने छोटे बच्चों के साथ 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर लगातार यहाँ जलाभिषेक करने आ रही हैं।

💰 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की ₹50 लाख की घोषणा, निखर उठेगी जलेश्वर धाम की रंगत

सावन मास के पावन अवसर पर पूर्व में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के डोंगरिया आगमन के दौरान ग्राम डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर एवं संपूर्ण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु ₹50 लाख के विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस स्वीकृत राशि से मंदिर प्रांगण में आने वाले देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए शेड, पेयजल, विश्राम गृह, घाट निर्माण एवं सुरक्षा व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा, जिससे इस पर्यटन व धार्मिक क्षेत्र का कायकल्प होगा।

Related Articles

Back to top button