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झारखण्ड

पलामू डीआईजी किशोर कौशल का बड़ा एक्शन, फायरिंग मामलों के अनुसंधान में लापरवाही पर 1 DSP और 4 SI को शोकॉज

पलामू (झारखंड): आर्म्स एक्ट और फायरिंग के संगीन मामलों के अनुसंधान (जांच) में घोर लापरवाही और शिथिलता बरतने पर पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने कड़ा रुख अपनाया है।

डीआईजी ने मामलों की समीक्षा के उपरांत कर्तव्य में कोताही बरतने के आरोप में एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और चार सब इंस्पेक्टरों (SI) को शोकॉज (स्पष्टीकरण) जारी किया है। डीआईजी की इस प्रशासनिक कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

🔫 मेदिनीनगर टाउन, सदर और चैनपुर थाने के मुकदमों की हुई समीक्षा, सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े हैं मामले

दरअसल, डीआईजी किशोर कौशल पलामू जिले के मेदिनीनगर टाउन, मेदिनीनगर सदर और चैनपुर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट व गोलीबारी के मामलों की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे।

इस दौरान मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के 5, सदर थाना क्षेत्र के 3 और चैनपुर थाना क्षेत्र के 3 मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं। समीक्षा में पाया गया कि इनमें से अधिकांश आपराधिक मामले कुख्यात सुजीत सिन्हा गिरोह (Sujit Sinha Gang) से जुड़े हुए थे।

🕵️ मुख्य आरोपी पकड़े गए पर सहयोगी बचे, अनुसंधान में भारी खामियां उजागर

समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि कई आपराधिक काण्डों में मुख्य अपराधी तो सलाखों के पीछे भेज दिए गए, किंतु घटना में शामिल अन्य सहयोगियों व साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

कई मामलों में अपराधी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और दर्ज मुकदमों की विवेचना में गंभीर लापरवाही बरती गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा साक्ष्यों के संकलन और आरोपियों की धरपकड़ में रुचि न दिखाने पर डीआईजी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

📋 इन पुलिस अधिकारियों से डीआईजी ने मांगा स्पष्टीकरण, लंबित रिपोर्टों पर जताई नाराजगी

मुकदमों के अनुसंधान में ढिलाई बरतने के आरोप में सदर थाने में पदस्थापित रहे सब इंस्पेक्टर कौलेश्वर प्रसाद, टाउन थाने में तैनात रहे सब इंस्पेक्टर व वर्तमान में हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलूल मन्नान, टाउन थाने के पूर्व सब इंस्पेक्टर व वर्तमान में किशनपुर ओपी प्रभारी चंद्रशेखर यादव तथा टाउन थाने के सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार से डीआईजी ने लिखित स्पष्टीकरण माँगा है।

इसके साथ ही समीक्षा में पाया गया कि डीएसपी (SDPO) स्तर से कई मुकदमों की सुपरविजन रिपोर्ट/प्रतिवेदन कई महीनों से लंबित रखी गई थी, जिस पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

⛓️ जेल से छूटे अपराधियों पर मॉनिटरिंग फेल, सीसीए (CCA) प्रस्ताव न भेजने पर भड़के डीआईजी

डीआईजी ने समीक्षा के दौरान पाया कि जेल से जमानत पर बाहर आए कुख्यात अपराधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल साबित हो रहा था।

गंभीर अपराधों में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध सीसीए (Crime Control Act – CCA) के तहत प्रस्ताव तैयार कर भेजने में भी लापरवाही की गई। पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने बताया कि अनुसंधान में पकड़ी गई इन गंभीर त्रुटियों के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष जांच पूरी करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

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