पंजाब कांग्रेस में घमासान: राहुल गांधी से मिले प्रताप सिंह बाजवा, चन्नी गुट की लामबंदी और राजा वड़िंग पर 25 अगस्त को फैसला!

चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा ने संसद परिसर के बाहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
🍽️ सुखजिंदर रंधावा के निवास पर चन्नी गुट का डिनर, बाजवा, परगट सिंह व धर्मवीर गांधी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, इस दिल्ली मुलाकात से पूर्व बीती रात वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के निवास स्थान पर एक विशेष रात्रिभोज (डिनर बैठक) का आयोजन किया गया था।
इस बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी समर्थक गुट के प्रमुख नेता एकजुट हुए। इसमें नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री परगट सिंह, सांसद धर्मवीर गांधी एवं पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह सहित प्रदेश कांग्रेस के कई अन्य प्रभावशाली विधायक व वरिष्ठ नेता सम्मिलित हुए।
📊 भूपेश बघेल के दौरे में नारेबाजी के बाद असमंजस में हाईकमान, 25 अगस्त तक जिलों में गुप्त सर्वे से तय होगा राजा वड़िंग का भविष्य
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पंजाब प्रवास के दौरान आयोजित रैलियों एवं सांगठनिक बैठकों में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की थी।
इस घटनाक्रम के उपरांत कांग्रेस हाईकमान पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पद पर बने रहने को लेकर भारी असमंजस की स्थिति में आ गया है। इसके चलते हाईकमान ने पंजाब के सभी जिलों में अपनी विशेष केंद्रीय टीमें सर्वे हेतु प्रेषित की हैं। ये टीमें धरातल पर जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम जनता से राजा वड़िंग के कार्यकाल व नेतृत्व पर प्रतिक्रिया (फीडबैक) एकत्र कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, 25 अगस्त तक सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात हाईकमान अपना अंतिम निर्णय सुनाएगा। इसके साथ ही, हाईकमान तक यह शिकायत भी पहुँची है कि चन्नी गुट के नेताओं को आधिकारिक बैठकों में दरकिनार किया जा रहा था।
✉️ चन्नी गुट ने प्रताप बाजवा को किया आगे, राहुल गांधी को पत्र भेजकर मांगी थी मुलाकात की समय सीमा
राजा वड़िंग के विरुद्ध लामबंद हुए चरणजीत सिंह चन्नी गुट के नेताओं ने अब रणनीति के तहत प्रताप सिंह बाजवा को अपना अगुवा बनाया है।
जानकारी के अनुसार, चन्नी समर्थक विधायकों तथा पार्टी के अन्य असंतुष्ट विधायकों ने हाईकमान के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखने हेतु प्रताप सिंह बाजवा से संपर्क साधा था। इसके पश्चात ही प्रताप बाजवा ने राहुल गांधी को औपचारिक पत्र प्रेषित कर उनसे व्यक्तिगत बैठक का समय माँगा था, जिसके बाद आज संसद भवन के बाहर यह अहम मुलाकात संभव हो सकी।






