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दिल्ली/NCR

‘हम सरकार को पागल कर देंगे’— रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन’ को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला।

 

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे देश के छात्र अपनी आवाज उठाना चाहते थे, किंतु तानाशाही सरकार ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने उल्लेख किया, “मैं स्वयं उत्तराखंड की बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने गया था, जिन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। यह सरकार आम नागरिकों और पीड़ितों की आवाज बिल्कुल सुनना नहीं चाहती है, लेकिन हम जनता के अधिकारों के लिए लड़ते हुए इन्हें पागल कर देंगे।”

 

इसके उपरांत प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी रात में सो नहीं पाते हैं, जिसके पीछे कई गहरे और छिपे हुए कारण हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तंज कसते हुए कहा कि कथित ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले नेता संसद में अपनी बात नहीं रख पाए, क्योंकि वे पहली बार भारत के वास्तविक जन-अभिव्यक्ति (एक्सप्रेशन) का सामना कर रहे हैं।

🛡️ ‘आप जोकरों के समूह से लड़ रहे हैं, डरने की कोई बात नहीं’— कायरता त्यागने का राहुल का आह्वान

 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम जनता को निर्भीक रहने का संदेश दिया।

 

उन्होंने कहा, “यदि मैं आदेश देने वाली सत्ता से डर गया तो देश की मूल अभिव्यक्ति नहीं रख पाऊंगा। वर्तमान में देश के कई लोग कायरों की तरह आचरण कर रहे हैं, जो इस कायर तंत्र की ताकत के आगे झुक रहे हैं। जब आप जोकरों के समूह से संघर्ष कर रहे हैं तो डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।” इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर सीधा प्रहार किया।

🧠 ‘RSS को भारत के 3000 साल के इतिहास की समझ नहीं’— संघ की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

 

राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि संघ के लोगों को भारत के मूल स्वरूप और उसकी आत्मा की सही समझ नहीं है।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को समझने के लिए केवल आज के दौर को नहीं, अपितु 3000 वर्षों की अखंड सांस्कृतिक विरासत को समझना होगा। भाषण के दौरान राहुल ने मंच पर मौजूद कुछ लोगों से प्रतीकात्मक रूप से संघ की नमस्ते (सैल्यूट) करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि संघ का लगातार राजनीतिक इस्तेमाल किया गया है, और यदि कभी आरएसएस की अभिव्यक्ति को दबाने का असंवैधानिक प्रयास हुआ तो कांग्रेस उसकी रक्षा के लिए सबसे आगे खड़ी रहेगी।

🏭 ‘नोटबंदी और गलत GST से छोटे कारोबारियों को दिया धोखा, असली RSS हो चुका है खत्म’

 

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूर्व में संघ देश के छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग की एक ताकत हुआ करता था, किंतु वर्तमान व्यवस्था ने नोटबंदी और त्रुटिपूर्ण जीएसटी (GST) लागू करके उसी वर्ग को पूरी तरह तबाह कर दिया।

 

उन्होंने कहा कि संघ के भीतर कॉर्पोरेट संस्कृति की नींव दिवंगत नेता प्रमोद महाजन ने रखी थी, जिसे आगे चलकर नरेंद्र मोदी ने पूरी तरह भुनाया। नरेंद्र मोदी ने संघ का पूर्णतः कॉर्पोरेटाइजेशन कर दिया है, जिसके चलते मूल विचारधारा वाला असली आरएसएस अब समाप्त हो चुका है और वर्तमान में संघ केवल बड़ी पूंजीपतियों की सेवा का एक जरिया बनकर रह गया है।

🎙️ ‘पीएम मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?’— राहुल गांधी ने साझा किया पुरानी मुलाकात का संस्मरण

 

आरएसएस के बाद राहुल गांधी ने पुनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

 

उन्होंने प्रश्न किया कि देश के प्रधानमंत्री कभी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? राहुल ने कहा, “प्रारंभ में मुझे लगता था कि यह उनकी कोई सुविचारित मार्केटिंग रणनीति (Marketing Strategy) है, परंतु जब मुझे उनके साथ एक बंद कमरे में 5 मिनट बैठने का अवसर मिला, तब मैं समझ गया कि वे बिना लिखे या बिना स्क्रिप्ट के ज्यादा देर तक संवाद नहीं कर सकते।”

🕊️ ‘जो दिल में है निडर होकर बोलिए’— राहुल ने सुनाया पूर्व पीएम इंदिरा गांधी से जुड़ा संस्मरण

 

संबोधन के दौरान उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी बात निर्भीक होकर रखने की सलाह दी।

 

उन्होंने कहा कि जो आपके मन में है उसे निडर होकर व्यक्त करें; यदि आप हिंदू हैं तो भगवान शिव के दर्शन पर बोलें, यदि मुस्लिम हैं तो अल्लाह के नाम पर अपनी बात रखें। इस दौरान उन्होंने अपने बाल्यकाल की एक ऐतिहासिक घटना साझा करते हुए बताया, “जब मैं 12 वर्ष का था, तब अपनी दादी (तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी), मां और प्रियंका के साथ अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर गया था। ऑफिशियल डिनर में केवल दादी और मां गईं। जब वे लौटीं तो दादी ने मां से कहा था— ‘ये अमेरिकी हमको क्या समझते हैं? हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री केवल औपचारिकता या दोस्ती करने नहीं जाता, वह अपने देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जाता है।'”

🌐 ‘ईरान-अमेरिका तनाव में पाकिस्तान बना मध्यस्थ, अरुणाचल में चीन ने हमें पेट्रोलिंग से रोका’

 

राहुल गांधी ने वैश्विक मंच पर भारत की वर्तमान विदेश नीति की विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

 

उन्होंने कहा कि यदि आज देश का नेतृत्व इंदिरा गांधी की तरह दूरदर्शी होता, तो वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का लाभ भारत को मिलता। उन्होंने कहा, “ईरान और अमेरिका दोनों भारत के मित्र देश हैं, किंतु इस वैश्विक संकट में हमारी जगह पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और हमारे प्रधानमंत्री केवल मूकदर्शक बने हुए हैं। मुझे सीधे पीएमओ (PMO) के सूत्रों से जानकारियां प्राप्त होती हैं। स्थिति यह है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन ने हमारी ही सीमा के भीतर हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह तथा प्रधानमंत्री की हवा निकल चुकी है।”

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