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झारखण्ड

JPSC-JSSC आंदोलन का 21वां दिन: फिलहाल टला CM आवास का घेराव, 15 अगस्त को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकालेंगे छात्र

रांची (झारखंड): राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विसंगतियों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के 21वें दिन अभ्यर्थियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए घोषणा की है कि फिलहाल मुख्यमंत्री आवास का घेराव नहीं किया जाएगा।

आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि आंदोलन को कमजोर और दिशाहीन करने के लिए लगातार भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं। छात्रों ने दृढ़ता से दावा किया कि 10 अगस्त की पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी आंदोलन की धार तनिक भी कमजोर नहीं हुई है, बल्कि एक नई और व्यापक रणनीति के तहत इसे और अधिक संगठित व प्रभावी बनाया जा रहा है।

🇮🇳 आंदोलन कमजोर होने का दावा खारिज, 15 अगस्त को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा की तैयारी

जेपीएससी–जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों ने आंदोलन के कमजोर पड़ने के तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

मंच के सक्रिय सदस्यों के अनुसार, राज्यभर से लगातार नए विद्यार्थी आंदोलन से जुड़ रहे हैं और हजारों अभ्यर्थी संपर्क में हैं। छात्रों ने ऐलान किया कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर राजधानी रांची में एक विशाल और ऐतिहासिक ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसमें प्रदेशभर से हजारों छात्र-छात्राएं सम्मिलित होकर सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगों को पुनः मजबूती से रखेंगे।

🏥 अनशन पर बैठे कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज

आंदोलन स्थल पर डटे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है।

छात्रों ने बताया कि मंच पर वर्तमान में 2 अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि गंभीर रूप से बीमार 4 छात्रों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी प्रकार ‘न्याय मंच’ से जुड़े 4 अन्य अभ्यर्थी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि एक छात्र अब भी अनशन पर अडिग है। इन विपरीत और कठिन परिस्थितियों के बावजूद आंदोलनकारियों का मनोबल पूरी तरह ऊंचा है।

🤝 छात्र अपने दम पर लड़ रहे लड़ाई, लाठीचार्ज के बाद खुद संभाला मोर्चा

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समर्थन को लेकर मंच ने स्थिति साफ की।

छात्रों ने स्वीकार किया कि 10 अगस्त को हुए लाठीचार्ज के उपरांत बाहर से आने वाले कई बाहरी समर्थक पीछे हट गए हैं। हालांकि, उन्हें अभी भी नैतिक समर्थन मिल रहा है, किंतु आंदोलन का पूरा मोर्चा अब अभ्यर्थियों ने अपने हाथों में ले लिया है। छात्रों का स्पष्ट मानना है कि यह छात्रों के भविष्य और अस्तित्व की लड़ाई है, अतः इसकी अंतिम जीत तक का संघर्ष भी अभ्यर्थियों को ही लड़ना होगा।

🛑 आंदोलन को भटकाने और हाइजैक करने की कोशिशें नाकाम: पीयूष कुमार

मंच के प्रमुख सदस्य पीयूष कुमार ने समस्त समर्थकों और आमजन से हाथ जोड़कर अपील की है कि आंदोलन को किसी भी सूरत में राजनीतिक या अन्य दिशा में भटकाने का प्रयास न किया जाए।

उन्होंने कहा कि जो भी संगठन या व्यक्ति समर्थन कर रहे हैं, वे केवल छात्रों की मूल मांगों के साथ खड़े रहें और इसे अपने निजी अवसर के रूप में भुनाने से बचें। वहीं आंदोलन में शामिल छात्राओं ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आंदोलन को हाइजैक करने का प्रयास किया गया था, जिसे छात्रों की एकजुटता ने विफल कर दिया।

⚖️ मुख्य परीक्षा विसंगतियों पर CBI जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

आंदोलनकारी छात्रों ने दोहराया कि उनकी सबसे प्रमुख और गैर-समझौतावादी मांग सीबीआई (CBI) जांच की है।

जब तक भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह लोकतांत्रिक संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि सीएम आवास घेराव का कार्यक्रम स्थगित करना आंदोलन की कमजोरी नहीं, बल्कि आगे की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। अब सभी की निगाहें 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा पर टिकी हैं।

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