Dr. Irfan Ansari Statement: 6 अक्टूबर को होगी अहम बैठक, राज्य के 25 हजार से अधिक डीलरों की समस्याओं पर होगी चर्चा

राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज्य के 25 सौ से अधिक जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलरों के बकाया कमीशन को लेकर उन्होंने केंद्र की उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंत्री ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र के रवैये का खामियाजा राज्य के डीलरों को भुगतना पड़ रहा है, हालांकि झारखंड सरकार पीडीएस डीलरों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 के सात माह के बकाया कमीशन के भुगतान को लेकर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है और इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
🤝 “नेतागिरी नहीं, संवाद से निकलेगा समाधान”: डीलर एसोसिएशन के बयानों पर मंत्री ने जताई नाराजगी
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने डीलर एसोसिएशन के कुछ बयानों पर अफसोस जताते हुए दो टूक कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन या अनावश्यक बयानबाजी के बजाय सीधे विभाग से संवाद करना अधिक प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 14 जिलों का पूरा भुगतान हो चुका है और शेष जिलों का भुगतान भी ट्रेजरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द हो जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीलर एसोसिएशन के लोग नेतागिरी करने के बजाय सीधे आकर उनसे मिलें, क्योंकि उनकी समस्याओं का रास्ता निकालने की पूरी जिम्मेदारी विभाग के मंत्री की है।
📅 6 अक्टूबर को होगी महत्वपूर्ण विभागीय बैठक: गरीबों तक खाद्य सुरक्षा पहुँचाने वाली मुख्य कड़ी हैं डीलर
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने जानकारी दी कि आगामी 6 अक्टूबर को विभागीय स्तर पर एक उच्चस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें डीलरों से जुड़े तमाम मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने संगठन के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे बैठक में अपनी समस्याओं और सुझावों को तथ्यात्मक रूप से रखें ताकि ठोस कदम उठाए जा सकें। मंत्री ने दोहराया कि राज्य के 25 हजार से अधिक पीडीएस डीलर केवल खाद्यान्न वितरण प्रणाली का हिस्सा नहीं, बल्कि गरीबों और वंचितों तक सरकार की खाद्य सुरक्षा पहुंचाने वाली बेहद महत्वपूर्ण रीढ़ हैं, जिनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।





