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मध्यप्रदेश

भोपाल ट्विशा शर्मा केस में CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट: पति समर्थ और सास गिरिबाला आरोपी, क्रूरता व दहेज प्रताड़ना की धाराएं

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को अदालत में 636 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है।

चार्जशीट में मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत अभियोग तय किए हैं। हालांकि, मामले के कुछ तकनीकी पहलुओं की जांच अभी बाकी है, जिसके चलते सीबीआई ने अदालत से सप्लीमेंट्री चार्जशीट (Supplementary Chargesheet) दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है।

⚖️ BNS और दहेज निषेध अधिनियम की गंभीर धाराएं दर्ज, चार्जशीट में ‘मेंटल टॉर्चर’ का उल्लेख

सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप-पत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), धारा 85 (पति या ससुरालियों द्वारा क्रूरता), धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी शामिल की गई हैं। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में ‘Cruelty’ (क्रूरता) और ‘Mental Torture’ (मानसिक प्रताड़ना) जैसे स्पष्ट शब्दों का उपयोग किया है। एजेंसी के अनुसार, शादी के महज पांच महीनों के भीतर ट्विशा को गंभीर मानसिक और शारीरिक यातनाओं से गुजरना पड़ा था।

🏠 12 मई को ससुराल में फंदे से लटका मिला था शव, शादी को हुए थे महज 5 महीने

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था।

उस समय उनकी शादी को मात्र पांच महीने ही हुए थे। घटना के तुरंत बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने शव को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए थे कि शादी के बाद से ही लगातार महंगे दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

🚓 जबलपुर से गिरफ्तार हुआ था पति समर्थ, सास भी न्यायिक हिरासत में

घटना के उपरांत प्राथमिकी दर्ज होते ही आरोपी पति समर्थ सिंह मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने 22 मई को जबलपुर से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था।

मामले की गंभीरता और परिजनों की मांग को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने केस हाथ में लेते हुए घटना के दिन समर्थ सिंह की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की। जांच आगे बढ़ने पर एजेंसी ने संलिप्तता के आधार पर सास गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा।

🧪 डमी के साथ क्राइम सीन का रीक्रिएशन, गर्दन पर बंधी मिली थी जिम्नास्टिक्स बेल्ट

मामले की तहकीकात के दौरान सीबीआई ने घटना के सटीक क्रम को समझने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया था।

इसके लिए फ्लैट में डमी का उपयोग किया गया और आरोपी समर्थ व गिरिबाला की मौजूदगी में उस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं। जांच में यह बात भी सामने आई कि ट्विशा के गले में जिम्नास्टिक्स बेल्ट बंधी हुई थी। सीबीआई ने घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और परिजनों के बयानों का वैज्ञानिक मिलान करने के लिए इस प्रक्रिया को अत्यंत महत्वपूर्ण माना।

🩺 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले थे 6 चोटों के निशान, आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ी गई

ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 6 अलग-अलग चोटों के निशानों का उल्लेख किया गया था, जबकि प्राथमिक रूप से मौत का कारण दम घुटना (फांसी) बताया गया था।

शरीर पर चोटों की मौजूदगी से यह स्पष्ट हुआ कि घटना से पूर्व उनके साथ मारपीट या संघर्ष हुआ था। इसी आधार पर सीबीआई ने प्रारंभिक एफआईआर में दर्ज धाराओं के अतिरिक्त बीएनएस की धारा 108 को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

💔 ‘जांच अभी अधूरी, मेरी बेटी सुसाइड नहीं कर सकती’: परिजनों का भावुक बयान

चार्जशीट दाखिल होने के उपरांत ट्विशा के पिता ने कहा कि अभी पूरी जांच समाप्त नहीं हुई है और एफएसएल (FSL) की अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

वहीं, ट्विशा की मां ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी बेहद साहसी थी और वह किसी भी स्थिति में आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जब तक सभी दोषियों को उनके किए की सख्त सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे बेटी को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। आगामी दिनों में सीबीआई द्वारा पेश की जाने वाली सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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