धमतरी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारतीय रासायनिक उद्योग कीटनाशक यूनिट सील, बिक्री पर तत्काल रोक

धमतरी (छत्तीसगढ़): जिले में खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। विभाग ने कीटनाशक दवाओं के निर्माण, भंडारण और बिक्री में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। सोरिदभाट स्थित ‘भारतीय रासायनिक उद्योग’ की कीटनाशक निर्माण इकाई पर राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक्सपायरी कीटनाशकों के अवैध भंडारण सहित कई गंभीर अनियमितताएं उजागर होने के बाद विभाग ने पूरी यूनिट को सील कर दिया है और सभी कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
📦 मौके पर मिले एक्सपायरी कीटनाशक और प्रतिबंधित उत्पादों की पैकेजिंग सामग्री
निरीक्षण के दौरान सामने आई प्रमुख खामियां:
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एक्सपायरी दवाओं का भंडारण: संचालक कृषि के निर्देश पर पहुंचे संयुक्त निरीक्षण दल को मौके पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट (अवसान तिथि) पार कर चुके कीटनाशकों का स्टॉक मिला।
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प्रतिबंधित सामग्री की बरामदगी: भारत सरकार द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री भी फैक्ट्री परिसर में पाई गई।
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दस्तावेजों का अभाव: जांच टीम के मांगने पर कंपनी अनुबंध, मासिक उत्पादन व बिक्री की अनिवार्य जानकारी तथा इन-हाउस प्रयोगशाला संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
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कीटनाशी अधिनियम का उल्लंघन: विभाग ने इन सभी कमियों को ‘कीटनाशी अधिनियम 1968’ और संबंधित नियमावली का सीधा उल्लंघन माना है।
🧪 निर्माण इकाई को कारण बताओ नोटिस, लैब भेजे गए कीटनाशकों के नमूने
प्रशासनिक प्रक्रिया और आगामी जांच का विवरण:
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कारण बताओ नोटिस: कृषि विभाग ने संबंधित संस्था को विस्तृत कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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नमूने भेजे गए: फैक्ट्री में तैयार किए गए विभिन्न कीटनाशक बैचों के नमूने विधिवत सील कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला (Insecticide Quality Control Lab) भेजे गए हैं।
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आगे की कार्रवाई: अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट और नोटिस के जवाब के आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण एवं कानूनी अभियोजन की अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
⚠️ ‘नियम तोड़े तो रद्द होगा लाइसेंस’: कृषि विभाग की विक्रेताओं को चेतावनी
कृषि विभाग के अधिकारी मोनेश साहू का आधिकारिक बयान:
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सघन जांच अभियान: जिले भर में कीटनाशक विक्रेताओं, वितरकों और कृषि आदान (Agri Inputs) से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों की निरंतर औचक जांच जारी रहेगी।
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कड़ी कार्रवाई का प्रावधान: गुणवत्ता मानकों या भंडारण नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से बिक्री पर रोक, लाइसेंस निलंबन और लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
🌾 किसानों से अपील: कीटनाशक खरीदते समय बिल और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
किसानों की सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी:
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सावधानी बरतें: कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी कीटनाशक या रासायनिक उत्पाद को खरीदते समय पैकेट पर अंकित लेबल, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और केंद्रीय पंजीयन संख्या की पूरी जांच अवश्य करें।
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पक्का बिल लें: हमेशा अधिकृत विक्रेता से ही सामग्री खरीदें और अनिवार्य रूप से जीएसटी बिल प्राप्त करें।
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संदेह पर शिकायत: किसी उत्पाद की गुणवत्ता या विक्रेता की कार्यप्रणाली पर संदेह होने पर तुरंत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में सूचना दें।






