अमृतसर में प्रवासी मजदूर को 10 दिन बंधक बनाकर कराया काम, पुलिस व वेलफेयर परिषद ने कराया मुक्त

अमृतसर (पंजाब): अमृतसर में उत्तर प्रदेश के एक प्रवासी मजदूर को कथित तौर पर बंधक बनाकर करीब 10 दिनों तक जबरन काम करवाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की पहचान उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी महेश सिंह के रूप में हुई है। उन्हें स्थानीय पुलिस और उत्तर प्रदेश-बिहार वेलफेयर परिषद (पंजाब) के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षित मुक्त कराया गया है। परिषद के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति मजदूर को काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए थे और फिर बंधक बना लिया था।
🏍️ 25 वर्षों से अमृतसर में मजदूरी कर रहे हैं महेश सिंह, शर्मा चौक से ले गए थे बाइक सवार
घटनाक्रम और गुमशुदगी का विवरण:
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लंबे समय से निवास: महेश सिंह पिछले करीब 25 वर्षों से अमृतसर में रहकर निर्माण मजदूरी (राजमिस्त्री/मजदूर) का कार्य करते हैं।
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ले जाने का घटनाक्रम: 7 अगस्त 2026 की सुबह वह रोजाना की तरह काम की तलाश में शर्मा चौक गए थे।
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बाइक सवारों का झांसा: वहां मौजूद साथी मजदूरों के अनुसार, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और मजदूरी कराने की बात कहकर महेश सिंह को अपने साथ बैठाकर ले गए, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटे।
📞 बेटे ने अमृतसर पहुंचकर शुरू की तलाश, वेलफेयर परिषद के सहयोग से मिली सफलता
परिजनों की खोजबीन और प्रशासनिक कार्रवाई:
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मकान मालिक ने दी सूचना: शाम तक महेश के घर न लौटने पर उनके मकान मालिक ने फर्रुखाबाद स्थित उनके बेटे विपिन कुमार को फोन पर जानकारी दी।
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पुलिस में शिकायत: विपिन 11 अगस्त को अमृतसर पहुंचे और साथी मजदूरों से सुराग जुटाने के बाद थाना सी डिवीजन (गिलवाली गेट) में शिकायत दर्ज कराई।
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परिषद का हस्तक्षेप: अपेक्षित कार्रवाई में देरी होने पर विपिन ने उत्तर प्रदेश-बिहार वेलफेयर परिषद के क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रकाश और वरिष्ठ पदाधिकारियों से संपर्क साधा।
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सकुशल रिहाई: परिषद द्वारा मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाए जाने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाई और महेश सिंह को अमृतसर जिले के एक ग्रामीण इलाके से बंधक स्थिति से सकुशल छुड़ाया।






