ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...
दिल्ली/NCR

उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्ट और हाई-राइज पर बड़ा असर

उत्तर प्रदेश में जमीन, मकान या फ्लैट खरीदने और बेचने की योजना बना रहे लोगों के लिए सर्किल रेट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में जमीन की सरकारी दरें अलग-अलग तय हैं। राज्य में करीब नौ वर्षों से सर्किल रेट में कोई व्यापक संशोधन नहीं हुआ है, जिसके चलते प्रॉपर्टी के वास्तविक बाजार भाव (मार्केट रेट) और सरकारी रेट के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। इसी अंतर को पाटने के लिए स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने सर्किल रेट बढ़ाने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, जो फिलहाल समीक्षाधीन (अंडर रिव्यू) है।

📐 यूपी में सर्किल रेट कैसे तय होता है? जानिए 4 मुख्य कारक

सर्किल रेट तय करने के मुख्य आधार:

  • प्रॉपर्टी का बाजार भाव: संबंधित क्षेत्र में जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य देखा जाता है, हालांकि सर्किल रेट को आमतौर पर बाजार भाव से थोड़ा कम रखा जाता है।

  • प्रॉपर्टी का उपयोग (लैंड यूज): रिहायशी (Residential) जमीन के रेट कमर्शियल (दुकान/ऑफिस) और इंडस्ट्रियल जमीनों की तुलना में कम तय किए जाते हैं।

  • आसपास का बुनियादी ढांचा: चौड़ी सड़कें, मेट्रो, अस्पताल, स्कूल, पार्क और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी आधुनिक सुविधाओं वाले क्षेत्रों में सर्किल रेट अधिक होता है।

  • लोकेशन और विकास स्तर: पॉश और प्राइम लोकेशन की प्रॉपर्टी का रेट अविकसित या ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले काफी अधिक होता है (जैसे लखनऊ का गोमती नगर या नोएडा के प्राइम सेक्टर्स)।

📍 लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और प्रयागराज में मौजूदा व प्रस्तावित रेट्स

प्रमुख शहरों में प्रति वर्ग मीटर / वर्ग फुट अनुमानित दरें:

  • राजधानी लखनऊ (प्रस्तावित बढ़ोतरी ~17%):

    • बाहरी इलाके: ₹14,000 से बढ़कर ₹16,400 प्रति वर्ग मीटर

    • सुल्तानपुर रोड / शहीद पथ: ₹25,000 से बढ़कर ₹29,300 प्रति वर्ग मीटर

    • सीतापुर रोड: ₹39,000 से बढ़कर ₹45,700 प्रति वर्ग मीटर

    • गोमती नगर: ₹40,000 से बढ़कर ₹46,800 प्रति वर्ग मीटर

    • हजरतगंज / कालिदास मार्ग (सबसे महंगा): ₹76,000 से बढ़कर ₹89,000 प्रति वर्ग मीटर

  • नोएडा (प्रस्तावित बढ़ोतरी ~20%):

    • नए व बाहरी सेक्टर्स: ₹42,000 से बढ़कर ₹50,400 प्रति वर्ग मीटर

    • विकसित सेक्टर्स: ₹46,200 से बढ़कर ₹55,400 प्रति वर्ग मीटर

    • प्रमुख सेक्टर्स: ₹55,150 से बढ़कर ₹66,200 प्रति वर्ग मीटर

    • पॉश सेक्टर्स: ₹75,600 से बढ़कर ₹90,700 प्रति वर्ग मीटर

    • अति-प्रीमियम सेक्टर्स (14A, 15A, 44): ₹1.09 लाख से बढ़कर ₹1.31 लाख प्रति वर्ग मीटर तक

  • गाजियाबाद: कौशांबी में करीब ₹75,600, सूर्य नगर/वैशाली/चंद्र नगर में ₹70,400, इंदिरापुरम में ₹69,300, वसुंधरा में ₹58,800 और पंचवटी कॉलोनी में करीब ₹40,000 प्रति वर्ग मीटर।

  • प्रयागराज (प्रति वर्ग फुट दरें): झूंसी में ₹1,111 से ₹4,024, नैनी में ₹2,083 से ₹4,370, झलवा में ₹3,150 से ₹3,770 और धूमनगंज में करीब ₹4,000 प्रति वर्ग फुट।

📈 कितनी हो सकती है बढ़ोतरी? जेवर एयरपोर्ट और हाई-राइज पर दिखेगा सबसे बड़ा असर

प्रस्तावित बदलावों का दायरा और प्रभाव:

  • 20% से 70% तक वृद्धि का अनुमान: पूरे प्रदेश में सर्किल रेट में 20% से लेकर 70% तक की वृद्धि प्रस्तावित है।

  • जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में बंपर उछाल: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के आसपास की कृषि जमीनों के सर्किल रेट में सर्वाधिक 70% तक की बढ़ोतरी संभावित है।

  • ग्रेटर नोएडा व हाई-राइज फ्लैट्स: ग्रेटर नोएडा में दरों में करीब 25% और प्रदेश भर के हाई-राइज अपार्टमेंट्स में 20% तक की बढ़ोतरी का अनुमान है।

  • कंस्ट्रक्शन रेट में 30% वृद्धि: भवन निर्माण लागत दरों में भी 30% तक इजाफे की संभावना है, जिससे रजिस्ट्री के दौरान कुल स्टाम्प ड्यूटी और निबंधन शुल्क बढ़ जाएगा।

⚖️ क्या यूपी में तय सर्किल रेट से कम में जमीन की खरीद-बिक्री हो सकती है?

नियम, स्टाम्प ड्यूटी और कानूनी प्रावधान:

  • सौदा स्वतंत्र, लेकिन टैक्स सर्किल रेट पर: खरीदार और विक्रेता किसी भी आपसी मूल्य पर सौदा करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की गणना सर्किल रेट आधारित न्यूनतम सरकारी मूल्यांकन पर ही होगी।

    • उदाहरण: यदि किसी फ्लैट का वास्तविक सौदा ₹45 लाख में हुआ है और सर्किल रेट के अनुसार उसकी वैल्यू ₹50 लाख बनती है, तो टैक्स ₹50 लाख पर ही चुकाना होगा।

  • इनकम टैक्स का प्रभाव: सर्किल रेट और वास्तविक विक्रय मूल्य में बड़ा अंतर होने पर आयकर अधिनियम की धारा 50C (विक्रेता के लिए कैपिटल गेन) और धारा 56(2)(x) (खरीदार के लिए) के तहत टैक्स देनदारी बन सकती है।

  • कम रेट में बिक्री के वैध कारण: यदि प्रॉपर्टी बहुत पुरानी/जर्जर है, कानूनी विवाद में फंसी है या कोई विशेष वित्तीय संकट है, तो अधिकृत वैल्यूएशन रिपोर्ट और फोटोग्राफिक साक्ष्य सुरक्षित रखना अनिवार्य है ताकि भविष्य में किसी नोटिस का जवाब दिया जा सके।

Related Articles

Back to top button