सावन में महाकाल लोक ने तोड़े पिछले सारे रिकॉर्ड; 2026 में पहुंचे 1.57 करोड़ श्रद्धालु, नागचंद्रेश्वर के 43 लाख ने किए दर्शन

उज्जैन (मध्य प्रदेश): विश्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण (सावन) माह के दौरान आस्था और भक्ति का नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
इस वर्ष श्रावण माह के दौरान बाबा महाकाल के दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या पहली बार डेढ़ करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। मंदिर प्रबंधन समिति ने इस बार लाखों श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, कतार प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और निःशुल्क सात्विक भोजन प्रसादी पर विशेष ध्यान केंद्रित किया था।
महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया के अनुसार, श्रावण माह में मंदिर परिसर के भीतर सामान्य व शीघ्र दर्शन कतारों से 1,13,25,210 श्रद्धालुओं ने सीधे गर्भगृह व नंदी हॉल क्षेत्र से दर्शन किए। वहीं, श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली विभिन्न सवारी आयोजनों और नागपंचमी पर श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन के लिए करीब 43,75,000 श्रद्धालु पहुंचे। इस प्रकार पूरे श्रावण काल में कुल 1,57,00,210 (एक करोड़ सत्तावन लाख से अधिक) श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
🍲 3.47 लाख भक्तों ने ग्रहण की अन्नक्षेत्र प्रसादी: 5 लाख कावड़ियों का हुआ स्वागत
भोजन प्रसादी और कावड़ यात्रियों की व्यवस्था:
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अन्नक्षेत्र में सात्विक भोजन: मंदिर समिति द्वारा संचालित श्री महाकाल महालोक अन्नक्षेत्र में श्रावण मास के दौरान कुल 3,47,912 श्रद्धालुओं को पूर्ण श्रद्धा, स्वच्छता और सात्विकता के साथ निःशुल्क भोजन प्रसादी कराई गई।
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कावड़ यात्रियों की आवभगत: श्रावण माह में पवित्र शिप्रा और अन्य नदियों से जल लाकर बाबा महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए 5 लाख से अधिक कावड़ यात्री उज्जैन पहुंचे।
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विशेष भोजन केंद्र: कावड़ियों की सुविधा के लिए शहर में 5 प्रमुख स्थानों पर विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां लगभग 2.80 लाख कावड़ यात्रियों को भोजन व विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
💰 शीघ्र दर्शन से ₹14.47 करोड़ की आय: 2215 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री
मंदिर समिति के राजस्व और प्रसादी वितरण का विवरण:
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शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर: कतारों में लगने वाले समय को कम करने के लिए श्रद्धालुओं ने 5,76,370 शीघ्र दर्शन (VIP) टिकट प्राप्त किए, जिससे मंदिर प्रबंध समिति को लगभग ₹14.47 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
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लड्डू प्रसादी का रिकॉर्ड: श्रावण माह में बाबा महाकाल के प्रसिद्ध शुद्ध देशी घी के लड्डू प्रसाद की भारी मांग रही। कुल 2,215.939 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई, जिससे मंदिर समिति को ₹10.49 करोड़ की आय हुई।
🎭 350 कलाकारों ने बिखेरी भक्ति की छटा: 52 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां संपन्न
श्रावण महोत्सव और संस्कृति संध्या का आयोजन:
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‘शिव अर्धांग’ थीम पर प्रस्तुतियां: श्रावण मास के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्याओं में देशभर से आए प्रतिष्ठित कलाकारों ने भगवान शिव के ‘शिव अर्धांग’ स्वरूप को केंद्र में रखकर भक्ति संगीत, शास्त्रीय गायन और नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं।
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कलाकारों की सहभागिता: श्रावण महोत्सव के मुख्य मंच पर 17 प्रस्तुतियां हुईं जिनमें 100 कलाकारों ने हिस्सा लिया, जबकि संस्कृति संध्या की 35 प्रस्तुतियों में 250 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया। इस प्रकार कुल 52 कार्यक्रमों में करीब 350 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
📈 2022 से 2026 तक का तुलनात्मक विश्लेषण: महाकाल लोक निर्माण के बाद लगातार बढ़ रही संख्या
वर्षवार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा:
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अक्टूबर 2022 के बाद उछाल: श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद से उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना इजाफा दर्ज हुआ है।
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वर्ष 2023 (अधिकमास सहित): दो माह के श्रावण-भादौ (पुरुषोत्तम मास) के कारण 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे।
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वर्ष 2024 व 2025: वर्ष 2024 में करीब 85 लाख और वर्ष 2025 में 72 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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वर्ष 2026 (नया कीर्तिमान): वर्तमान वर्ष 2026 में 1 करोड़ 57 लाख (1.57 करोड़) का ऐतिहासिक आंकड़ा दर्ज कर अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना।





