दिल्ली में फ्री रूफटॉप सोलर का बड़ा ऐलान: 400 यूनिट तक खपत वाले घरों को 3 kW तक सोलर सिस्टम फ्री; सीएम रेखा गुप्ता ने जारी की नई नीति

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सौर ऊर्जा के विस्तार को नई गति देने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023’ का नया संशोधित प्रारूप (दूसरा संशोधन) जारी कर दिया है।
इस संशोधित नीति के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में औसतन 400 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले सभी पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 3 किलोवाट (kW) क्षमता तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी अग्रिम खर्च (Zero Upfront Cost) के लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 200 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले परिवारों की वर्तमान बिजली सब्सिडी पूर्ववत जारी रहेगी और अतिरिक्त बिजली उत्पादन पर उन्हें एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव का सीधा लाभ भी मिलेगा।
💰 3 kW तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना अग्रिम लागत: केंद्र व राज्य दोनों देंगे सब्सिडी
सब्सिडी ढांचा और वित्तीय सहयोग का विवरण:
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दोहरी वित्तीय मदद: केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत मिलने वाली ₹78,000 की सब्सिडी के अतिरिक्त दिल्ली सरकार भी अपनी ओर से ₹78,000 की पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) प्रदान करेगी।
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टॉप-अप व्यवस्था: टेंडर में निर्धारित सोलर प्लांट की वास्तविक लागत और कुल सब्सिडी के बीच आने वाले वित्तीय अंतर को भी दिल्ली सरकार अपने टॉप-अप फंड से वहन करेगी, जिससे उपभोक्ता पर शुरुआत में कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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पूर्व व्यवस्था में सुधार: पहले उपभोक्ताओं को प्रारंभिक लागत खुद चुकानी पड़ती थी और प्रोत्साहन राशि वर्षों बाद मिलती थी, जबकि नई नीति में शुरुआत में ही पूर्ण वित्तीय सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।
🔋 मौजूदा बिजली सब्सिडी भी रहेगी जारी: ग्रिड को बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई का मौका
बचत और उत्पादन से आय का मॉडल:
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सब्सिडी पर कोई असर नहीं: दिल्ली सरकार की मौजूदा घरेलू बिजली सब्सिडी पूरी तरह से लागू रहेगी।
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बिजली उत्पादन का गणित: 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम औसतन 300 यूनिट बिजली प्रतिमाह तैयार करता है। यदि कोई परिवार 200 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो शेष बची 100 यूनिट बिजली सीधे पावर ग्रिड में भेजी जा सकेगी।
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अतिरिक्त आय: ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त बिजली का भुगतान डिस्कॉम द्वारा औसत बिजली खरीद लागत के आधार पर किया जाएगा, जिससे उपभोक्ता केवल उपभोक्ता न रहकर ऊर्जा उत्पादक और आय अर्जक बनेंगे।
🛠️ पहले 5 वर्ष तक वेंडर करेगा मुफ्त मेंटेनेंस: 25 वर्षों तक सुचारु संचालन की गारंटी
रखरखाव और तकनीकी प्रबंधन:
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शुरुआती 5 साल मुफ्त: सोलर पैनल लगाने वाले संबंधित वेंडरों के लिए सिस्टम का 5 वर्षों तक संचालन और रखरखाव (O&M) पूरी तरह निशुल्क करना अनिवार्य होगा।
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दीर्घकालिक विकल्प: 5 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत उपभोक्ताओं के पास डिस्कॉम या उनकी सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से सोलर पैनल के कुल 25 वर्षों के जीवनकाल तक सशुल्क रखरखाव व बीमा कराने का सीधा विकल्प मौजूद रहेगा।
🎯 मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर लगाने का लक्ष्य
आगामी योजना और क्षमता विस्तार:
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विशाल लक्ष्य: सरकार ने मार्च 2027 तक राष्ट्रीय राजधानी के 2 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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500 मेगावाट क्षमता: इसके माध्यम से मार्च 2027 तक 500 मेगावाट (MW) की अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता को ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
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वर्तमान स्थिति: दिल्ली में अब तक 10,073 सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश सरकारी भवनों पर स्थित हैं। अब इसे व्यापक स्तर पर आम जनता के घरों तक पहुंचाया जा रहा है।
⚡ नेट मीटरिंग का समय 75 दिन से घटकर 25 दिन: आवेदन व पंजीकरण शुल्क समाप्त
प्रक्रिया का सरलीकरण और प्रशासनिक सुधार:
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त्वरित नेट मीटरिंग: आवासीय सोलर सिस्टम के लिए नेट मीटरिंग की औपचारिक प्रक्रिया, जिसमें पहले लगभग 75 दिन का समय लगता था, उसे घटाकर अब मात्र 25 दिन कर दिया गया है।
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शुल्क में पूर्ण छूट: 10 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम के लिए आवेदन और पंजीकरण शुल्क को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
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नोडल एजेंसी: संपूर्ण व्यवस्था को यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन मॉडल पर लागू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी इंद्रप्रस्थ पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (IPGCL) को सौंपी गई है, जो गुणवत्ता और शिकायतों के निवारण का ध्यान रखेगी।
🏛️ ‘मुफ्त बिजली को अगले 25 वर्षों के लिए किया सुरक्षित’: ऊर्जा मंत्री आशीष सूद
सरकार का दृष्टिकोण:
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ऊर्जा मंत्री का बयान: दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कैबिनेट के इस फैसले ने उस दुष्प्रचार को खारिज कर दिया है कि मुफ्त बिजली की व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती। सरकार ने इसे न केवल जारी रखा है, बल्कि सौर ऊर्जा के माध्यम से अगले 25 वर्षों के लिए संस्थागत व आत्मनिर्भर बना दिया है।
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मुख्यमंत्री का विजन: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप दिल्ली को हरित ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा।





