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Gwalior Dilapidated Houses: नगर निगम और प्रशासन की खींचतान में अटकी कार्रवाई, ग्वालियर में 105 जर्जर मकान बने जानलेवा खतरा

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): शहर में चिह्नित किए गए 211 जर्जर और खतरनाक भवनों में से 105 मकानों को ध्वस्त या खाली कराने की प्रक्रिया दो प्रमुख विभागों की खींचतान और हीलाहवाली के बीच उलझकर रह गई है।

ग्वालियर नगर निगम की भवन शाखा द्वारा इन अति-संवेदनशील व जर्जर मकानों का भौतिक सत्यापन कर संबंधित भवन स्वामियों को औपचारिक नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ रहा है। सबसे बड़ी बाधा यह है कि इनमें से अधिकांश मकानों में किराएदार मालिकाना हक या कब्जे के लालच में जान जोखिम में डालकर लगातार रह रहे हैं और मकान खाली करने को तैयार नहीं हैं।

⚖️ नगर निगम और प्रशासन के बीच जिम्मेदारी की फुटबॉल: नहीं हो रहा कोई जमीनी एक्शन

प्रशासनिक समन्वय की कमी और प्रक्रियागत पेच:

  • नोटिस की खानापूर्ति: नगर निगम की भवन शाखा कार्रवाई के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम (SDM) और तहसीलदार को नोटिस की प्रतिलिपि अग्रसारित कर अपनी औपचारिकता पूरी कर लेती है।

  • अधिकारियों की बेरुखी: जिला प्रशासन के राजस्व अधिकारी इसे विशुद्ध रूप से नगर निगम का क्षेत्राधिकार और दायित्व मानकर प्रभावी पुलिस बल या बेदखली की कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ लेते हैं।

  • खतरे के साए में जिंदगी: दोनों विभागों के बीच स्पष्ट समन्वय न होने का सीधा दुष्परिणाम यह है कि शहर के व्यस्त बाजारों और घनी बस्तियों में ये जर्जर मकान किसी भी क्षण बड़े हादसे का सबब बनने के लिए खड़े हैं।

🌧️ हादसों से भी नहीं लिया सबक: 25 जोनों में 211 भवन चिह्नित, बारिश में मंडरा रहा संकट

हालिया दुर्घटनाएं और शहर का खतरनाक परिदृश्य:

  • दिल्ली हादसे से बेपरवाह: यह प्रशासनिक उदासीनता तब देखने को मिल रही है, जब हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसी तरह एक पुरानी बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी।

  • नवग्रह कॉलोनी में गिरा था मकान: ग्वालियर में भी पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के दौरान नवग्रह कॉलोनी में एक पुराना मकान अचानक ढह गया था, जिसमें लोग बाल-बाल बचे थे।

  • सर्वे के आंकड़े: नगर निगम द्वारा शहर के सभी 25 वार्ड जोनों में कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार कुल 211 जर्जर और खतरनाक भवनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से 105 पर तत्काल बेदखली या ध्वस्तीकरण की सख्त दरकार है।

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