Fake IAS Tripti Singh Bhopal: होटल लीज और नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, पुलिस सुरक्षा में दफ्तरों का निरीक्षण करने वाली फर्जी अफसर बेनकाब

भोपाल (मध्य प्रदेश): होटल-रिसॉर्ट लीज पर आवंटित कराने और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली शातिर महिला तृप्ति सिंह की जालसाजी का दायरा केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल सीधे सरकारी तंत्र और प्रशासनिक दफ्तरों में भी किया।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वह खुद को वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर बेखौफ अंदाज में विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औपचारिक निरीक्षण करने पहुंच जाती थी। इतना ही नहीं, अपने रुतबे और फर्जी पद की धाक जमाने के लिए वह निरीक्षण के दौरान बाकायदा सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर स्थानीय थानों से पुलिस बल तक तैनात करवा लेती थी।
📹 पुलिस को मिला निरीक्षण का सनसनीखेज वीडियो: साथ चलते दिखे वर्दीधारी पुलिसकर्मी
वायरल वीडियो और प्रशासनिक पड़ताल:
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पुख्ता सुराग: एक प्रमुख सरकारी कार्यालय में तृप्ति सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण का एक एक्सक्लूसिव वीडियो सामने आया है, जो जांच एजेंसियों के हाथ लगा है।
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पुलिस बल की मौजूदगी: वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि फर्जी महिला आईएएस अधिकारी के आगे-पीछे वर्दीधारी पुलिसकर्मी सुरक्षा घेरा बनाकर चल रहे हैं।
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अधिकारियों को गुमराह किया: पुलिस जांच में प्रमाणित हुआ है कि तृप्ति ने खुद को उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी बताकर संबंधित महकमों और पुलिस अधिकारियों को गुमराह किया और निरीक्षण के लिए आधिकारिक पुलिस सुरक्षा प्राप्त की।
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पूछताछ का दायरा: अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि उसने किन-किन सरकारी दफ्तरों में जाकर निरीक्षण का नाटक किया और किन अधिकारियों ने बिना सत्यापन उसे पुलिस बल मुहैया कराया।
📚 थाने से बिछाया जाल: यूपीएससी अभ्यर्थी को बनाया ठगी का शिकार
ड्राइवर की शिकायत और युवाओं को फंसाने की साजिश:
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थाने में बनाई धौंस: करीब डेढ़ वर्ष पूर्व तृप्ति सिंह अपने निजी चालक भूपेंद्र बैरागी के विरुद्ध एक सामान्य विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, जहाँ उसने पुलिसकर्मियों पर अपना रौब झाड़ते हुए स्वयं को सेवारत आईएएस अधिकारी बताया था।
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सिविल सेवा अभ्यर्थी से संपर्क: थाने में मौजूदगी के दौरान ही उसकी मुलाकात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के परिचित युवक से हुई, जो दिल्ली और भोपाल से यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
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प्रभाव में लेकर ठगी: खुद को सफल प्रशासनिक अधिकारी बताकर उसने उस अभ्यर्थी को अपने प्रभाव में लिया और मार्गदर्शन व मदद के नाम पर अपने जालसाजी के नेटवर्क में फंसा लिया। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।





