Disha Salian Case CBI Investigation: बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर दिशा सालियान मामले की जांच शुरू, एसपी सीमा पाहुजा संभालेंगी कमान

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दो सितंबर को दिशा सालियान की मौत की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने का ऐतिहासिक आदेश दिया था. साथ ही, केंद्रीय जांच एजेंसी को इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक अनुभवी और सीनियर अधिकारी को नियुक्त करने का स्पष्ट निर्देश दिया था. अदालत के इसी आदेश के तहत सीबीआई की दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम यूनिट में एसपी के पद पर तैनात तेज-तर्रार अधिकारी सीमा पाहुजा को इस मामले की जांच सौंपी गई है, जिन्हें पहले भी उत्कृष्ट कार्य के लिए बेस्ट इन्वेस्टिगेटिव अफसर का गोल्डन अवॉर्ड मिल चुका है.
🎖️ 2. कौन हैं सीबीआई अफसर सीमा पाहुजा? हाथरस, उन्नाव और आरजी कर जैसे कई हाई-प्रोफाइल मामलों की कर चुकी हैं जांच
सीमा पाहुजा सीबीआई की दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम यूनिट में एसपी के पद पर तैनात हैं और इससे पहले वह चंडीगढ़ तथा गाजियाबाद यूनिट में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. उनके पास कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच का लंबा अनुभव है. उन्होंने साल 2024 में कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मामले की जांच में भी अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा, वह बहुचर्चित हाथरस कांड की जांच के लिए गठित 15 सदस्यीय सीबीआई टीम का भी हिस्सा थीं. साथ ही, उन्होंने उन्नाव केस और हिमाचल प्रदेश के गुड़िया कांड जैसे जटिल मामलों को भी सफलतापूर्वक सुलझाया है, जिसके लिए उन्हें साल 2021 में ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिव अफसर’ के गोल्डन अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है.
🔍 3. 6 साल पुराना मामला होने के कारण सीबीआई के सामने होंगी कई चुनौतियां, अदालत ने तय की जांच की रूपरेखा
चूंकि दिशा सालियान की मौत का यह मामला लगभग 6 साल पुराना है, इसलिए सीबीआई और जांच टीम की कमान संभाल रहीं सीमा पाहुजा के सामने कई तकनीकी और दस्तावेजी चुनौतियां आ सकती हैं. इस मामले में एजेंसी उपलब्ध पुराने दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की नए सिरे से बारीकी से जांच करेगी. हालांकि एफआईआर (FIR) में कई चर्चित लोगों के नाम दर्ज हैं, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उन्हें आरोपी नहीं माना जाए, बल्कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की स्थिति और आरोप तय किए जाएंगे.





