NHAI Tunnel Project Shimla: मकानों में दरारें आने से सहमे लोग, एनएचएआई ने कहा— नवंबर 2025 से बंद है ब्लास्टिंग

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में नेशनल हाईवे की फोरलेनिंग के लिए चल रहे टनल निर्माण कार्य ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है. निर्माण कार्य के बाद से लोगों के घरों में दरारें आने लगी हैं, जिससे जीवनभर की कमाई से बनाए आशियाने की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता और डर का माहौल पैदा हो गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसी शिमला ने फिलहाल मौके पर निर्माण कार्य बंद करने के सख्त आदेश दिए हैं और सुरक्षा दीवार लगाने के निर्देश दिए हैं.
⚠️ 2. स्थानीय लोगों और पार्षदों ने जताई गहरी नाराजगी, तकनीकी जांच और मुआवजे की उठाई मांग
स्थानीय निवासी अंशुल चौहान और रमेश चंद ठाकुर समेत शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा और कमला नगर के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है लेकिन लोगों के घरों को दांव पर नहीं लगाया जा सकता. पार्षदों ने मांग की है कि प्रभावित भवनों का तकनीकी आकलन किया जाए और जिन घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए.
🛣️ 3. एनएचएआई का दावा— नवंबर 2025 से बंद है ब्लास्टिंग, प्रभावित इलाकों में की जा रही है मरम्मत
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्पष्ट किया है कि टनल निर्माण से जुड़ी ब्लास्टिंग गतिविधियां नवंबर 2025 में ही रोक दी गई थीं और इसके बाद कोई ब्लास्टिंग नहीं हुई है. प्राधिकरण का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित जगहों पर ग्राउटिंग, स्ट्रक्चरल रेट्रोफिटिंग, और दरारों की सीलिंग जैसे मरम्मत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके.





