Jharkhand Palamu Crime & News: पतरिया खुर्द हादसे के 36 घंटे बाद पहुंची NDRF; 10 वर्षीय हेमंत की तलाश जारी, DC ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

पलामू। झारखंड के पलामू जिले अंतर्गत चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव में बुधवार को करम डाल विसर्जन के दौरान एक बेहद दुखद हादसा हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी, जबकि एक 10 वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में लापता हो गया था। पूरे पलामू जिले में करमा पर्व के दौरान अलग-अलग घटनाओं में कुल पांच लोगों की डूबने से जान जा चुकी है। पतरिया खुर्द की इस घटना से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
🪢 10 वर्षीय हेमंत सिंह की तलाश में जुटी NDRF की टीम: ग्रामीणों ने मोहम्मदगंज तक चलाया था अभियान
पतरिया खुर्द हादसे में लापता हुए 10 वर्षीय बालक हेमंत सिंह का सुराग लगाने के लिए गुरुवार दोपहर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष टीम पलामू पहुँची।
घटनास्थल पर पहुँचते ही एनडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट और आधुनिक उपकरणों की मदद से कोयल नदी में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इससे पहले, स्थानीय ग्रामीण बुधवार से ही अपने स्तर पर हेमंत की खोजबीन कर रहे थे। ग्रामीणों ने कोयल नदी के तटीय इलाकों से लेकर मोहम्मदगंज तक के विस्तृत क्षेत्र में खोज अभियान चलाया। घटना के 36 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी अब तक मासूम हेमंत का कोई पता नहीं चल सका है।
🚨 प्रशासन अलर्ट मोड पर: सदर SDPO राजेश यादव और CO सत्यम कुमार ने दी जानकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं।
सदर एसडीपीओ (SDPO) राजेश यादव ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मुस्तैदी से नदी में तलाशी अभियान चला रही है। वहीं, चैनपुर के अंचल अधिकारी (CO) सत्यम कुमार ने जानकारी दी कि एनडीआरएफ की एक्सपर्ट टीम बोट के जरिए नदी के गहरे पानी और संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में लापता बच्चे की तलाश कर रही है।
🏛️ भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए हाई लेवल बैठक: DC और SP ने दिए कड़े निर्देश
करमा पर्व के दौरान पतरिया खुर्द में हुए इस दर्दनाक हादसे को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को पलामू समाहरणालय में अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता पलामू के उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने की, जिसमें पलामू एसपी कपिल चौधरी सहित जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिले की सभी नदियों के खतरनाक घाटों को ‘हॉट-स्पॉट’ (Hot-Spot) के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
📱 व्हाट्सएप ग्रुप और मॉक ड्रिल से बढ़ेगी जागरूकता: अंचल अधिकारी व थाना प्रभारी की संयुक्त टीम गठित
आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने कई नए कदम उठाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों और जिला प्रशासन के बीच त्वरित संवाद स्थापित करने के लिए विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल मिल सके। इसके अलावा, घटनाओं को रोकने के लिए अंचल अधिकारी (CO) और संबंधित थाना प्रभारी (TI) की एक संयुक्त टीम गठित की गई है, जो ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक करेगी। जल हादसों से बचाव के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नदी घाटों पर नियमित रूप से मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी।




