Jalandhar News: जालंधर रेलवे स्टेशन पर 2 दिन की नवजात बच्ची को बेचने की कोशिश, जीआरपी ने पिता को दबोचा

जालंधर (पंजाब): जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर महज दो दिन की एक नवजात बच्ची को कथित तौर पर बेचने का प्रयास किए जाने की सनसनीखेज सूचना मिलते ही गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) हरकत में आ गई। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर एक सतर्क नागरिक द्वारा सूचना दी गई थी कि एक प्रवासी व्यक्ति अपनी दो दिन की नवजात बच्ची को गोद में लेकर रेलवे स्टेशन परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है और उसे बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही जीआरपी की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए तलाशी अभियान शुरू किया और कुछ ही समय में बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने बच्ची के पिता को भी मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
🏥 तत्काल अस्पताल पहुंचाई गई नवजात: डॉक्टरों की निगरानी में हुआ उपचार
रेस्क्यू और स्वास्थ्य जांच का विवरण:
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: जीआरपी थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर बलवीर सिंह घुम्मण ने बताया कि हेल्पलाइन से सूचना प्राप्त होते ही पुलिस बल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।
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अस्पताल में भर्ती: बच्ची को ट्रेस करने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे अपनी सुरक्षा में लिया और बिना किसी देरी के जिला सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञों ने उसकी गहन स्वास्थ्य जांच की।
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चिकित्सकीय निगरानी: नवजात की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उसका उपचार किया गया।
🔍 उत्तर प्रदेश का रहने वाला है आरोपी पिता: नशे की हालत में अस्पताल से बच्ची को लाने का आरोप
आरोपी की पहचान और घटनाक्रम:
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पहचान: इंस्पेक्टर घुम्मण के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मनोज (पुत्र मुंशी), निवासी गांव फूलवां, जिला जमुनीयां (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
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अस्पताल से बाहर लाना: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मनोज की पत्नी ने कुछ दिन पहले ही जालंधर के सिविल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था।
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गंभीर आरोप: आरोप है कि मनोज कथित रूप से अत्यधिक नशे की हालत में नवजात बच्ची को अस्पताल के वार्ड से चुपचाप बाहर ले आया और उसे लेकर सीधे जालंधर रेलवे स्टेशन पहुंच गया, जहां वह संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।
👶 डॉक्टरों ने बच्ची को घोषित किया स्वस्थ: प्रमुख व्यक्तियों और आशा वर्कर को सौंपी गई देखरेख
सुरक्षा और सुपुर्दगी की प्रक्रिया:
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स्वस्थ घोषित: अस्पताल में समुचित उपचार और 24 घंटे की सतत निगरानी के बाद आज डॉक्टरों की टीम ने नवजात बच्ची को पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर दिया, जिससे उसकी जान सुरक्षित हो सकी।
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जिम्मेदारों को सुपुर्दगी: इसके बाद नवजात की उचित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांव के प्रमुख एवं जिम्मेदार लोगों को बुलाया गया।
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उपस्थिति: इस दौरान महिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, राम सरण दास तथा आशा वर्कर अमनदीप कौर की उपस्थिति में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्ची को सुरक्षित देखभाल हेतु उनके सुपुर्द कर दिया गया।
⚖️ जीआरपी की जांच जारी: किन परिस्थितियों में रेलवे स्टेशन पहुंचा आरोपी?
कानूनी कार्रवाई और पूछताछ:
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पिता से पूछताछ: जीआरपी पुलिस आरोपी पिता मनोज को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
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मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल: पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह बच्ची को किन परिस्थितियों में अस्पताल से बाहर लाया, क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
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विधिक कार्रवाई: रेलवे पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





