Palamu Road Jam News: झारखंड आंदोलनकारियों ने सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन, पुलिस बल मौके पर मौजूद, जानिए मांगें

झारखंड राज्य के आंदोलनकारियों, किसानों और मजदूरों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज पूरे प्रदेश में झारखंड बंद बुलाया गया है। इस बंद का असर पलामू जिले में भी काफी व्यापक रूप से देखने को मिला है। बंद को पूरी तरह सफल बनाने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए झारखंड आंदोलनकारी पारंपरिक हथियारों यानी तीर-धनुष के साथ सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया।
🛑 मेदिनीनगर के रेड़मा चौक पर प्रदर्शन, राहगीरों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मेदिनीनगर के व्यस्त रेड़मा चौक को आंदोलनकारियों ने पूरी तरह से जाम कर दिया। अचानक हुए इस सड़क जाम के कारण आम नागरिकों और आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। स्थिति यह रही कि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के साथ-साथ छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भी जाम के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
📜 सम्मानजनक पेंशन और जल-जंगल-जमीन पर अधिकारों की मांग, कई सालों से अनसुनी हैं फरियादें
आपको बता दें कि झारखंड आंदोलनकारी एक मुख्य पेंशन योजना को लागू करने तथा जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय आदिवासियों व मूलवासियों के पुश्तैनी अधिकारों को सुरक्षित करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बुधवार को सभी आंदोलनकारी सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलनकारी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से लगातार अपनी पेंशन और अन्य अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। कई आंदोलनकारियों के पास रहने और खेती के लिए जमीन भी नहीं है, जिसके कारण उन्हें आए दिन प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि गरीब आदिवासियों और जरूरतमंद लोगों के नाम से जमीन की रसीदें जारी करने की तुरंत सरल व्यवस्था की जाए।
👮 सड़क पर लेटे आंदोलनकारी, सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कर रही है समझाइश
उग्र प्रदर्शन के दौरान कई आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए सड़क पर ही लेट गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। भारी जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन का अमला तुरंत हरकत में आया और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे रहे। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रमुख चेहरे मुरारी पांडेय और विकेश शुक्ला समेत कई अन्य नेता कर रहे हैं। इस संबंध में मुरारी पांडेय ने कहा कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है और झारखंड के जनहितैषी अपनी जायज मांगें सरकार के समक्ष रख रहे हैं।





