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छत्तीसगढ़

Deputy CM Vijay Sharma Meeting: मंत्रालय में हुई कैबिनेट उप-समिति की बैठक, राजनीतिक कारणों से दर्ज सामान्य प्रकरणों में मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में राजनीतिक आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों की वापसी को लेकर गठित उच्चस्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है। यह बैठक बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित की गई। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा गृह एवं जेल मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजनीतिक मामलों से जुड़े कुल 16 प्रकरणों पर विस्तार से समीक्षा की गई, जिनमें से 9 मामलों को वापस लेने के लिए आधिकारिक तौर पर अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि राजनीतिक आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर अक्सर यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि ऐसे मामलों के जरिए लोगों को परेशान किया जाता है, जिसके मद्देनजर यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

📁 राजनीतिक आंदोलन से जुड़े 16 प्रकरणों पर हुई लंबी चर्चा, 9 वापस लेने योग्य मिले और 2 मामलों पर होगा पुनर्विचार

बैठक के दौरान समिति के समक्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित कुल 16 प्रकरण विचार के लिए रखे गए थे, जिनमें 8 लंबित मामले भी शामिल थे। पूरी समीक्षा के बाद समिति ने 9 प्रकरणों को वापसी के योग्य मानते हुए उनके निराकरण की संस्तुति कर दी। वहीं, 2 मामलों को उचित पुनर्विचार के लिए संबंधित जिलों को वापस भेज दिया गया है, जबकि शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलन की श्रेणी का न पाए जाने पर समिति द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों से पूर्व में अनुशंसित लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति और नियमानुसार आगे की जाने वाली कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रक्रिया को त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

👥 समीक्षा समिति में शामिल रहे प्रमुख मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी

राजनीतिक आंदोलनों के मामलों की समीक्षा के लिए बनाई गई इस विशेष मंत्रिमंडलीय समिति में कई वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी बतौर सदस्य शामिल हैं। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी उपस्थित रहे। इसके अलावा बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर, गृह सचिव नेहा चंपावत, पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम सहित पुलिस और विधि विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

⚖️️ सरकार का उद्देश्य आम कार्यकर्ताओं को राहत देना, गंभीर आपराधिक मामलों पर नहीं लागू होगी छूट

गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रकरणवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों में तमाम आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक कारणों से दर्ज किए गए सामान्य और छोटे-मोटे मामलों में जनता व कार्यकर्ताओं को राहत देना है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में गंभीर आपराधिक मामलों को इस दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार के इस कदम से आंदोलनकारियों पर लदे अनावश्यक मुकदमों का बोझ कम होने की उम्मीद है।

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