ब्रेकिंग
कलेसर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, आम के बाग में घुसकर पेड़ों को पहुंचाया भारी नुकसान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन अनिवार्य हुआ राज्य-गीत, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए ... 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पंजीकरण में हरियाणा ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, मुख्य सचिव की बैठक में ख... रोहतक पुलिस का बड़ा अभियान, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 60 चालान और 246 लोग डिटेन सोनीपत की रेलवे हाईराइज सोसायटी में दुखद घटना, 7वीं मंजिल से कूदकर 25 वर्षीय युवती ने की खुदकुशी अंबाला में मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों रोडवेज कर्मचारी, खुद ज्ञापन लेने बीच... मोहन लाल कौशिक बने 'हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज' (HBPE) के नए चेयरमैन, वित्त विभाग ने जारी... Haryana Valuers Conduct Code: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! जमीनों के मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नई आचार... Fatehpur Road Accident News: सीएम योगी की VIP ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की भीषण हादसे में मौत, ... Hathras Copper Theft News: हाथरस में 52 लाख का कॉपर गबन! SOG और पुलिस ने गिरोह के 6 बदमाशों को दबोचा...
विदेश

एचसीक्यू पर वापस लिए गए अध्ययन के सह-लेखक प्रोफेसर अमित पटेल नौकरी से हटाए गए

न्यूयॉर्क। हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन (एचसीक्यू) के नकारात्मक प्रभाव संबंधी अध्ययन से दो प्रभावशाली जर्नलों के पीछे हटने के बाद भारतीय मूल के प्रोफेसर अमित पटेल को उनके जॉब से हटा दिया गया है। ये दोनों जर्नल हैं- द लैंसेट और द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन। अमित पटेल दोनों ही जर्नलों में प्रकाशित अध्ययनों के सह-लेखकों में शामिल थे।

यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह में नियुक्त थे प्रो. अमित पटेल

अध्ययन पर विवाद उठने के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह से अमित पटेल के जुड़ाव को खत्म कर दिया गया। हालांकि यूनिवर्सिटी ने अमित पटेल की सेवाएं खत्म करने को विवाद से जोड़ने से इन्कार किया है। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता ने कहा, ‘जिस पद पर सेवाएं खत्म की गई हैं, वह बायोमेडिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में अवैतनिक सहायक की नियुक्ति थी।’

अमित पटेल ने ट्वीट कर दी जानकारी 

वहीं, अमित पटेल ने ट्वीट कर बताया कि यूनिवर्सिटी के साथ उनका जुड़ाव मौखिक रूप से एक हफ्ते पहले ही खत्म कर दिया गया था, लेकिन औपचारिक तौर पर इसकी सूचना शुक्रवार को दी गई। मालूम हो कि ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने एचसीक्यू पर ट्रायल को रोक दिया था।

अध्ययन का कहना था कि कोविड-19 के इलाज में एचसीक्यू के फायदे बहुत कम हैं और इससे मरीजों की मृत्युदर बढ़ जाती है। इस अध्ययन के अन्य सह-लेखकों में मनदीप आर. मेहरा, फ्रैंक रुशिट्जका और सपना देसाई शामिल थे। जबकि न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के तीन सह-लेखकों में से तीन अमित पटेल, मनदीप आर. मेहरा और सपना देसाई थे।

Related Articles

Back to top button