UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, बीजेपी के 8 और सपा के 2 जीते

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर हुए चुनाव में सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। इन 10 सीटों में से 8 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशियों ने निर्विरोध जीत हासिल की है, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) से 2 प्रत्याशी सांसद चुने गए हैं। चुनाव जीतने वाले प्रमुख चेहरों में रिलायंस कंपनी से जुड़े सपा प्रत्याशी धनराज नाथवानी भी शामिल हैं। हालांकि, पहले ही 2 निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो जाने के कारण इस बार सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना बन गई थी।
📅 नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त, किसी ने नहीं लिया नाम
राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार शाम 4 बजे तक नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख तय थी। इससे पहले ही दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज हो चुके थे। तय समय तक न तो किसी प्रत्याशी का नामांकन रद्द हुआ और न ही किसी ने अपना नाम वापस लिया। यही वजह रही कि मैदान में बचे सभी 10 प्रत्याशी निर्विरोध राज्यसभा के नए सदस्य बन गए।
👥 CM योगी की मौजूदगी में BJP प्रत्याशियों ने दाखिल किए थे पर्चे
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी के 8 उम्मीदवारों ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में चुनाव अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
-
बीजेपी के विजेता उम्मीदवार: पार्टी ने जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से मंत्री धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार, अनुसूचित जाति से विद्यासागर सोनकर और प्रियंका रावत, क्षत्रिय समुदाय से राम प्रताप सिंह चौहान, तथा ब्राह्मण समुदाय से गोपी कृष्ण पांडे और राधाकांत ओझा को मैदान में उतारा था। इनमें दो महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं।
🚲 सपा का तीसरा उम्मीदवार न उतारने का फैसला
इस चुनाव को लेकर पहले कयास लगाए जा रहे थे कि विपक्षी समाजवादी पार्टी मुकाबला रोचक बनाने के लिए तीसरा उम्मीदवार भी उतार सकती है, लेकिन नामांकन के अंतिम दिन पार्टी ने साफ कर दिया कि वह तीसरा प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगी। समाजवादी पार्टी की तरफ से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी ने अपनी दावेदारी पेश की थी। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि अब उनका ध्यान सीटों के बजाय व्यापक तैयारियों पर है। स्क्रूटनी के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे अपूर्ण पाए जाने के कारण खारिज हो गए थे, जिसके बाद यह चुनाव पूरी तरह निर्विरोध संपन्न हो गया।





