ब्रेकिंग
UP Politics News: CJP प्रदर्शन के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, बोले- निष्पक्षता खो चुका है चुनाव आयो... Delhi News: अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी के बाद अजिंक्य शिंदे संभालेंगे CJP मूवमेंट की कमान, जानिए कौन ... Jharkhand News Update: चांडिल में पुलिस को खुली चुनौती, अपराधियों ने घर में घुसकर लूटा सोना-चांदी Jharkhand News Update: नेमरा में दिवंगत रूपी सोरेन का श्राद्ध कर्म, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और सांसद... Jharkhand Politics: महिला मोर्चा का प्रदर्शन और पुलिस से झड़प, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने Jharkhand Politics: मैथन पहुंचे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, अवैध कोयला खनन और डीजीपी की पोस्टिंग ... Navratri 2026 Special: मैहर में धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन सख्त, मांस-मछली की दुकानों... Chhindwara Land Rights: प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित हैं WCL भूमि पर रहने वाले लोग, विधायक ने उठ... MP Farmers Protest: मंदसौर में लोड शेडिंग के खिलाफ किसानों ने घेरे बिजली ग्रिड, ढोल बजाकर जताया विरो... Gorakhpur 308 Wheel Truck: उत्तर प्रदेश में आया 308 पहियों वाला विशालकाय ट्रक, बेल्जियम से आए बॉयलर ...
हरियाणा

Jind Land Fraud Case: जींद रियासत की रानी इंद्रजीत कौर और पुत्रवधू पर जमीन के दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज

हरियाणा के जींद जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जींद रियासत की रानी इंद्रजीत कौर और उनकी पुत्रवधू एक धोखाधड़ी (फ्रॉड) के केस में फंस गई हैं। दोनों पर जमीन के दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में रानी और उनकी पुत्रवधू के साथ-साथ नगर परिषद के सचिव, पटवारी और एक ठेकेदार को भी नामजद किया गया है। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अभिमन्यु चौधरी की शिकायत पर दर्ज किया गया है।

📜 क्या है पूरा मामला और वकील का पक्ष?

शिकायतकर्ता वकील अभिमन्यु चौधरी ने बताया कि जींद के अपोलो रोड पर उनकी करीब 10 एकड़ जमीन पर कब्जा है। आरोप है कि रानी इंद्रजीत कौर और उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर ने नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर इस जमीन को हड़पने का प्रयास किया। फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर तहसील में दो बार जमीन की रजिस्ट्री कराने की भी कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। वकील ने भू-अभिलेख रिकॉर्ड (डिजिटल डेटा) में गंभीर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए बताया कि उनके दादा बलदेव सिंह ने साल 1965 में 50 कनाल 2 मरला का फार्म हाउस खरीदा था। जब उन्होंने सरकारी वेबसाइट पर प्रॉपर्टी आईडी और डिजिटल नक्शा चेक किया, तो उनकी जमीन के असली खसरा नंबर की जगह दूसरा नंबर डालकर रकबा घटाकर सिर्फ 18 कनाल 15 मरला दिखा दिया गया और लोकेशन भी बदल दी गई।

🗣️ रानी इंद्रजीत कौर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए रानी इंद्रजीत कौर (65) ने कहा कि पास में ही दो प्रॉपर्टी आपस में सटी हुई हैं। खसरा नंबर 65 शिकायतकर्ता का और खसरा नंबर 64 उनकी अपनी प्रॉपर्टी है। उन्होंने नगर समिति में खसरा नंबर 64 की आईडी के लिए आवेदन किया था, लेकिन सैटेलाइट से फोटो लेते वक्त सिस्टम ने गलती से खसरा नंबर 65 की लोकेशन उठा ली, जिससे शिकायतकर्ता की प्रॉपर्टी की आईडी उनके नाम दर्ज हो गई थी। उन्होंने बताया कि डीसी (DC) ने उसे दोबारा ठीक करवा दिया है और जमीन की पैमाइश होने तक स्टेटस यथावत रखने के आदेश दिए गए हैं। रानी ने कहा कि दस्तावेजों से छेड़छाड़ के सभी आरोप पूरी तरह झूठे हैं और वे इस तरह की एफआईआर से डरती नहीं हैं। वहीं, थाना शहर के प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button