Chhattisgarh State Festival News: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में पहुंची एयरफोर्स की सारंग टीम, स्कूली विद्यार्थियों से साझा किए वायुसेना में करियर के अनुभव

रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में शिरकत करने पहुंची भारतीय वायु सेना (IAF) की प्रतिष्ठित ‘सारंग’ हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने रायपुर के स्कूली विद्यार्थियों के साथ एक प्रेरणादायक संवाद सत्र आयोजित किया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान वायुसेना के अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को भारतीय वायु सेना के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया और सेना में करियर बनाने के विभिन्न सुनहरे अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही, वायुसेना के सभी पदाधिकारियों ने देशसेवा के दौरान अपने व्यक्तिगत सेवाकाल और जीवन के अनुभवों को भी खुलकर विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में छात्रों से संवाद, युवाओं में अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना पर दिया जोर
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के प्रमुख ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार और उनकी पूरी टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (जन पांडे स्कूल) में आयोजित इस कार्यक्रम में माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। राज्य सरकार और रायपुर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सत्र के दौरान छात्रों ने वायुसेना के अधिकारियों से उनके जीवन की चुनौतियों, वायु सेवा के गौरव और इसके समृद्ध इतिहास को बहुत करीब से जाना और समझा। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने छात्रों को बताया कि किस प्रकार युवा अपने भीतर साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत कर सकते हैं और पूरी तरह समर्पित होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
वायुसेना में प्रवेश के रास्ते और पात्रता के मानदंडों पर हुई चर्चा, महिला पायलटों ने भी साझा किए अनुभव
छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सारंग टीम के अफसरों ने भारतीय वायुसेना में जाने के विभिन्न माध्यमों, प्रवेश परीक्षाओं और शैक्षणिक योग्यताओं के बारे में चरणबद्ध तरीके से जानकारी दी। अफसरों ने बताया कि किन विषयों और योग्यताओं के जरिए युवा एयरफोर्स में फाइटर या ट्रांसपोर्ट पायलट तथा अन्य पदों पर अपना भविष्य संवार सकते हैं। इस दौरान टीम की दो महिला पायलटों—स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षय—ने भी विशेष रूप से अपने अनुभव साझा किए। छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने के इस दौर में बेटियों को देश की रक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी हर चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए प्रेरित किया गया।
‘देश सेवा सबसे पहले’: सशस्त्र बलों में नौकरी नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण है कर्तव्य
संवाद के अंतिम चरण में वायुसेना के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों में आना केवल एक पारंपरिक नौकरी तलाशना नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा, राष्ट्र प्रेम, टीम वर्क और जीवन के प्रति पूर्ण समर्पण का मार्ग है। अधिकारियों ने कहा कि शैक्षणिक योग्यता और मापदंड अपनी जगह बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है विद्यार्थी का मजबूत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प। जो युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए अनुशासन के साथ आगे बढ़ते हैं, उनके लिए वायुसेना में देश की सेवा करने का यह अवसर उनके जीवन को एक नई दिशा और गौरव प्रदान करता है।





