कोरबा में धनतेरस और दीपावली पर चमका बाजार, SECL और बालको के बोनस से हुआ 350 करोड़ का बंपर कारोबार

कोरबा: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में इस बार दीपावली और धनतेरस का त्योहार व्यापारिक जगत के लिए बेहद शानदार साबित हुआ है। क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों जैसे एसईसीएल (SECL), बालको (BALCO), एनटीपीसी (NTPC) और बिजली कंपनी (CSEB) के कर्मचारियों को करोड़ों रुपये के बोनस और पीआरपी (PRP) का भुगतान मिलने के बाद जिले के बाजारों में रिकॉर्डतोड़ रौनक देखने को मिली है। चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा विभिन्न स्थानीय व्यापारिक संगठनों से प्राप्त आंकड़ों और अनुमानों के अनुसार, इस बार धनतेरस और दीपावली के इस संपूर्ण फेस्टिव सीजन के दौरान जिलेभर में लगभग 350 करोड़ रुपये का बंपर कारोबार होने की उम्मीद है।
सार्वजनिक उपक्रमों की ‘बोनस वर्षा’ से मजबूत हुई बाजार की तरलता, ऑटोमोबाइल से लेकर सर्राफा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में खुले दिल से हुई खरीदारी
विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी उपक्रमों से कर्मचारियों के खातों में आई भारी-भरकम राशि के चलते ग्राहकों की क्रय शक्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ। इसका सीधा सकारात्मक असर ऑटोमोबाइल, सर्राफा (ज्वेलरी), इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन बाजारों पर पड़ा, जहाँ लोगों ने खुलकर खरीदारी की। इस आर्थिक उछाल के कारण पूरे जिले का व्यापारिक चक्र बहुत तेजी से घूमा, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी।
कर्मचारियों के खातों में बरसे धन, एसईसीएल और बालको के साथ एनटीपीसी व सीएबी कर्मचारियों को मिला बंपर भुगतान
इस बार की त्योहारी सफलता के पीछे सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा किए गए भुगतानों की अहम भूमिका रही है। प्राप्त विवरण के अनुसार, एसईसीएल (SECL) के कर्मचारियों को लगभग 1.10 लाख रुपये पीएलआर और 350 करोड़ रुपये से अधिक का एकमुश्त भुगतान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, बालको (BALCO) के नियमित कर्मियों को 2.17 लाख रुपये तक का बोनस तथा ठेका मजदूरों को विशेष इंसेंटिव प्रदान किया गया। वहीं दूसरी ओर, एनटीपीसी और विद्युत मंडल (CSEB) के कर्मचारियों को मिले एरियर और बकाए भुगतानों ने बाजार में नकदी के प्रवाह (लिक्विडिटी) को कई गुना बढ़ा दिया।
टीपी नगर से लेकर कुसमुंडा और गेवरा तक विशेष ऑफर्स की धूम, छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूमों तक पहुंचा नगद प्रवाह
कोरबा के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों जैसे टीपी नगर, पावर हाउस रोड, निहारिका, दर्री, पुरानी बस्ती और कुसमुंडा तथा गेवरा क्षेत्र के व्यापारियों द्वारा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के विशेष डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स दिए गए थे, जिनका खरीदारों ने भरपूर लाभ उठाया। इस बार की खूबी यह रही कि केवल बड़े शोरूम ही नहीं, बल्कि चौक-चौराहों और गलियों में छोटी दुकानें चलाने वाले स्थानीय विक्रेताओं तक भी नगद प्रवाह पहुंचने से हर वर्ग के व्यापारी को सीधा आर्थिक लाभ मिला।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन का बयान, ऑनलाइन मार्केट की चुनौतियों के बीच भी व्यापारियों ने दिया ग्राहकों को बेस्ट मार्जिन
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरबा के बाजारों में दीपावली पर बेहतरीन व्यापार होने की पुरानी परंपरा रही है, लेकिन इस वर्ष का कारोबार पिछले सभी रिकॉर्डों को पीछे छोड़ गया है। सर्राफा, चार पहिया वाहन, दो पहिया वाहन, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधानों (कपड़ों) की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती रही। आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग से मिल रही कड़ी टक्कर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापारियों ने ऑनलाइन पोर्टल्स के दामों का अध्ययन कर उसी अनुरूप कीमतें तय की हैं। मुनाफा भले ही थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन व्यापारी आम जनता को राहत देने और त्योहार की खुशियां बनाए रखने के लिए अपना मार्जिन कम करने को भी पूरी तरह तैयार रहे।
सोने-चांदी के दामों में आई नरमी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की रिकॉर्ड बिक्री, अकेले वाहन बाजार में करोड़ों का हुआ लेनदेन
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने आगे बताया कि पिछले 15-20 दिनों के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में आई नरमी (गिरावट) का सीधा फायदा सर्राफा बाजार को मिला, जहाँ लोगों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई; आजकल हर घर में दो से तीन वाहनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति यह रही कि अकेले धनतेरस के पावन दिन ही जिले में 150 से 200 की संख्या में चार पहिया (फोर-व्हीलर) गाड़ियों की ताबड़तोड़ बिक्री हुई। अकेले ऑटोमोबाइल सेक्टर में लगभग 25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जबकि सर्राफा बाजार में भी 50 से 60 करोड़ रुपये के बीच का शानदार व्यापार दर्ज किया गया।





