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भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों का खुलासाः पाकिस्तानी पुलिस ने हिरासत में की दरिंदगी

पेशावरः पाकिस्तान में सोमवार 15 जून को सुबह भारतीय उच्चायोग के 2 कर्मचारियों अचानक गायब होने से सनसनी फैल गई थी। भारतीय उच्चायोग ने इस बारे में पता चलते ही सख्ती दिखाई और तुरंत पाक सरकार से जांच की बात की। भारत की सख्ती को देखते हुए शाम तक पाकिस्तान की तरफ से बयान आया कि एक हिट एंड रन मामले में इस्लामाबाद पुलिस ने दोनों भारतीय कर्मियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। भारत द्वारा विरोध जताने पर शाम तक इन दोनों कर्मचारियों को छोड़ दिया गया । रिहा होने के बाद भारतीय उच्चायोग के दोनों कर्मियों पॉल सिल्वादेस और द्विमू ब्रह्म ने बताया  कि 12 घंटे की हिरासत में पाकिस्तान की पुलिस ने उनके साथ कितनी दरिंदगी दिखाई । उन्होंने बताया कि उनके साथ पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया।

दोनों पीड़ितों के मुताबिक न सिर्फ उन्हें 12 घंटे तक हिरासत में रखा गया बल्कि इस दौरान लोहे की रॉड से उनकी पिटाई भी की गई। इसके अलावा जब इन दोनों ने पानी मांगा तो इन्हें गंदा पानी पीने के लिए भी मजबूर किया गया। जानकारी के मुताबिक दोनों ही अधिकारियों के शरीर पर चोटों के काफी निशान मौजूद हैं। इन दोनों ने बताया कि इन्हें हथकड़ी लगाकर और आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया गया था।  इन्हें 12 घंटे तक भारतीय उच्चायोग के पास ही मौजूद किसी जगह पर हिरासत में रखा गया था जिससे उच्चायोग के अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर भी नज़र रखी जा सके। दोनों भारतीय अधिकारियों ने बताया कि करीब 15-16 लोगों ने इनकी गाड़ी को करीब 6 वाहनों से घेर लिया था।

उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर एक अज्ञात जगह पर ले जाया गया जहां 6 घंटे तक उनसे पूछताछ और मारपीट की जाती रही। भारतीय अफसरों ने बताया कि उन्हें बार-बार लोहे की रॉड, लकड़ी के डंडे से पीटा गया और गंदा पानी पाने के लिए भी मजबूर किया गया। जानकारी के मुताबिक इन दोनों से उच्चायोग में काम कर रहे सभी लोगों की निजी जानकारी मांगी जा रही थी। रात करीब 9 बजे इन दोनों अधिकारियों को वापस भारतीय उच्चायोग को सौंप दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया ने दोनों कर्मचारियों की गिरफ़्तारी के संबंध में कहा है कि उन्हें पुलिस ने ‘हिट एंड रन’ से जुड़े एक केस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

ये दोनों इस्लामाबाद में हुए एक कार एक्सीडेंट में मुख्य आरोपी हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक ये दोनों भले ही भारतीय उच्चायोग में काम करते हैं लेकिन दोनों के ही पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट नहीं हैं। डॉन में छपी एक खबर के मुताबिक इन दोनों के खिलाफ इस्लामाबाद के सेक्रेटेरियट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने पहले अपनी गाड़ी से फुटपाथ पर चल रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया और फिर मौका ए वारदात से फरार होने की कोशिश भी की। इस FIR में लिखा गया है कि दोनों के पास से जाली करेंसी भी बरामद हुई है।

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