चीन विवाद को लेकर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अहम बैठक

नई दिल्ली। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपने आवास पर बुलया था। दोनों ही नेताओं के बीच करीब साढ़े आठ बजे से लेकर करीब साढ़े नौ बजे तक चीन के मसले पर अहम बैठक चली।
कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी थी। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और चीन सीमा पर पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में दोनों सेनाओं के जवानों के बीच हिंसक झड़प के कारण उत्पन्न स्थिति पर शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ लगातार दो बैठकों में चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लगभग एक घंटे चली बैठक में घटना की विस्तार से जानकारी ली और स्थिति की समीक्षा की थी। बैठक में मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए रणनीति और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार विमर्श किया गया था।
बेकार नहीं जाएगी जवानों की शहादत: पीएम मोदी
वहीं, आज चीन के सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद होने वाले भारतीय जवानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं। हमारे लिए देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। भारत शांति चाहता है, लेकिन माकूल जवाब देने का सामर्थ रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं शहीदों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जवानों और उनके परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि देश आपके साथ है, स्थिति कुछ भी हो देश आपके साथ है। भारत अपने स्वाभिमान और हर एक इंच जमीन की रक्षा करेगा।
गलवन पर भारत और चीन के बीच मेजर जनरल स्तर की बातचीत बेनतीजा रही
इस बीच बुधवार को दोनों देशों के बीच गलवन घाटी को लेकर मेजर जनरल स्तर की बातचीत बेनतीजा रही। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अभी फौरन हटने या स्थिति पर परिवर्तन में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। आने वाले दिनों में और ज्यादा बातचीत हो सकती है।
विदेश मंंत्रियों की बातचीत में भारत का सख्त संदेश
गलवन में चीनी सैनिकों की धोखेबाजी और बर्बरता पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चीनी समकक्ष वांग यी से फोन पर बात हुई। इस बातचीत में जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि गलवन घाटी के पैट्रोलिंग पॉइंट- 14 पर सोमवार को जो कुछ हुआ, वह अनायास नहीं था। जयशंकर ने वांग से कहा कि चीनी पक्ष ने पूर्व नियोजित और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जो हिंसा और जवानों के हताहत होने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थी। इनमें यथास्थिति को नहीं बदलने के हमारे सभी समझौतों का उल्लंघन करते हुए जमीन पर तथ्यों को बदलने की मंशा नजर आती है।





